राजनीतिक बयानबाजी में कृष्णा प्रसाद ने सत्ताधारी दल, स्थानीय सांसद के साथ मंत्री मलय घटक के अधूरे वादों को याद दिलाते हुए साधा निशाना
आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत सुनिश्चित होने का दावा कर राज्य की सत्ता में परिवर्तन होने का ठोका ताल
आसनसोल । चुनावी मैदान में राजनीतिक बयानबाजी के कारण इस कड़ाके के जाड़े के मौसम में सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। इस बीच मंगलवार को समाजसेवी सह उभरते भाजपा के युवा नेता कृष्णा प्रसाद द्वारा कल्ला मोड़ स्थित अपने आवासीय कार्यालय में प्रेसवार्ता कर सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस की सरकार के साथ स्थानीय सांसद एवं आसनसोल उत्तर विधानसभा के विधायक सह मंत्री पर जमकर निशाना साधा। अपने नपे तुले शब्दों एवं तृणमूल कांग्रेस द्वारा किए गए अधूरे वादों पर उन्होंने आक्रामक रुख अपनाते हुए जमकर शब्दों के बाण चलाया। कृष्णा प्रसाद ने कहा कि तृणमूल नेताओं द्वारा वर्षों पहले किए गए वादे आज तक ज़मीनी हकीकत नहीं बन सके हैं। उन्होंने सीधे तौर पर मंत्री मलय घटक से सवाल पूछते हुए कहा कि “उषाग्राम से बीएनआर तक ओवरब्रिज बनाने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक न तो निर्माण शुरू हुआ और न ही कोई ठोस पहल दिखाई दी। मेडिकल कॉलेज की स्थापना, नशा मुक्त आसनसोल और उर्दू कॉलेज जैसे कई बड़े वादे केवल घोषणाओं तक सीमित रह गए हैं। वहीं कृष्णा प्रसाद ने जामुड़िया क्षेत्र में खुलेआम कोयला माफिया के सक्रिय होने का भी गंभीर आरोप लगाया।
साथ ही उन्होंने आसनसोल के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा पर निशाना साधते हुए कहा कि सांसद हमेशा दूसरों के सहारे खड़े नज़र आते हैं, लेकिन क्षेत्र की समस्याओं पर उनकी मौजूदगी और सक्रियता दिखाई नहीं देती। वे केवल दो चार फीता काटकर वापस बाहर चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि बीते कुछ दिनों में भाजपा द्वारा गिरजा मोड़, जामुड़िया और डामरा में सभाओं का आयोजन किया गया था। इसके जवाब में तृणमूल कांग्रेस उन्हीं स्थानों पर जवाबी सभा कर रही है, जो यह साबित करता है कि भाजपा की बढ़ती ताकत से तृणमूल घबराई हुई है। अंत में उन्होंने मुस्लिम समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। पश्चिम बंगाल में परिवर्तन निश्चित है और विकास सभी के लिए होगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि वर्ष 2026 में तृणमूल के लोग भी चुपचाप कमल छाप पर वोट देंगे।













