छोटादिघारी इलाके में आईएसपी ने 72 घंटे में अतिक्रमणकारियों को जमीन खाली करने का दिया नोटिस
अचानक नोटिस जारी किए जाने से बढ़ा राजनीतिक तनाव
बर्नपुर(भरत पासवान)। रेलवे के बाद इस्को कारखाना की जमीन पर कब्जा और खाली कराने के नोटिस से लोगों में भारी रोष का माहौल है। इस बार भी अतिक्रमणकारियों ने मांग उठाई है कि जब तक पुनर्वास नहीं किया जाता, तब तक जमीन खाली नहीं कराया जाए। वहीं स्थानीय तृणमूल नेताओं का आरोप है कि चुनाव से पहले आम लोगों को परेशान करने के लिए यह नोटिस दिया गया है। दूसरी ओर भाजपा नेतृत्व ने कहा है कि कारखाना के हित में कब्जा खाली कराया जाना चाहिए। इससे राजनीतिक तनाव बढ़ गया है।
वहीं न्यू टाउन से छोटादिघारी इलाके में इस्को कारखाना की जमीन पर कब्जा करके कई अस्थाई निर्माण बनाया गया है। इनमें कुछ घर, दुकानें और जानवरों के शेड शामिल हैं। कुछ दिन पहले ही आईएसपी के टाउन ऑफिस ने एक नोटिस जारी किया, जिसमें कहा गया कि छोटादिघारी इलाके में इस्को की जमीन पर कब्जा करके बनाए गए अस्थाई निर्माण को नोटिस जारी होने के 72 घंटे के अंदर हटाना होगा। नहीं तो आईएसपी उन्हें गिरा देगा। वहीं अगर अवैध निर्माण गिराने के दौरान किसी भी सामान को नुकसान होता है, तो इसके लिए अतिक्रमणकारी जिम्मेदार होगा। लेकिन बेदखली का नोटिस इतनी अचानक क्यों जारी किया गया? अधिकारियों से पता चला है कि आईएसपी ने विस्तार और विस्तारीकरण प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसके लिए करीब 35 हजार करोड़ रुपए की लागत से एक नई प्रोडक्शन साइट बनाई जा रही है। जिसके लिए बहुत ज्यादा जमीन की आवश्यकता है। इसलिए आईएसपी की जमीन पर कब्जा करके बनाए गए निर्माण को गिरा दिया जाएगा और वापस ली गई जमीन को कारखाना में मिला लिया जाएगा। एक स्थानीय दुकान के मालिक निखिल बारिक ने कहा कि करीब तीस साल से वे झोपड़ीनुमा निर्माण कर दुकान चलाकर अपने परिवार का पोषण कर रहे हैं, अचानक जमीन खाली करने पर वे कहां जाएंगे। जमीन खाली कराने के पहले यहां के दुकानदारों को दूसरे स्थान पर जगह दिया जाए।













