कृष्णा प्रसाद : घर-घर जाकर साड़ी बांटना न केवल आर्थिक सहायता है, बल्कि यह वंचित समुदायों के साथ व्यक्तिगत जुड़ाव और भाईचारे को बढ़ावा देने का भी प्रयास
आसनसोल । विशिष्ट समाजसेवी, व्यवसायी, धार्मिक प्रवृति के धनी सह भाजपा युवा नेता कृष्णा प्रसाद द्वारा वादन पर्व (बाहा पर्व या सरहुल) के अवसर पर आदिवासी समाज की महिलाओं के बीच साड़ी वितरण की पहल एक सराहनीय सामाजिक कार्य है। आदिवासी क्षेत्रों में इस तरह के आयोजन अक्सर स्थानीय त्योहारों पर समुदाय में समरसता और खुशी बांटने के उद्देश्य से किए जाते हैं। वादन पर्व या प्रकृति से जुड़े त्योहारों पर पारंपरिक वेशभूषा जैसे साड़ियों का वितरण आदिवासी संस्कृति के प्रति सम्मान और उसके संरक्षण का एक माध्यम है।
समाजसेवी कृष्णा प्रसाद द्वारा घर-घर जाकर साड़ी बांटना न केवल आर्थिक सहायता है, बल्कि यह वंचित समुदायों के साथ व्यक्तिगत जुड़ाव और भाईचारे को बढ़ावा देने का प्रयास भी है। आदिवासी अंचलों में त्योहारों के दौरान नए वस्त्रों का वितरण महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लाने और उन्हें उत्सव की मुख्यधारा से जोड़ने का एक तरीका है। इस तरह के प्रयास आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में अक्सर देखे जाते हैं, जहां समाजसेवी और संगठन जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास और उनकी खुशियों में भागीदारी सुनिश्चित करते हैं।
इस संदर्भ में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कृष्णा प्रसाद ने कहा कि वादन पर्व के मद्देनजर आदिवासी बहुल इलाकों में साड़ी वितरण का बीड़ा उठाया है। उन्होंने कहा कि सुबह मां घाघर बुढ़ी मंदिर पहुंचे। मंदिर में पुरोहित के अनुपस्थिति में मां का आशीर्वाद लेकर जामुरिया विधानसभा इलाके में आदिवासी समाज की महिलाओं के बीच साड़ी वितरण अपने टीम के साथ किया।
जामुरिया विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 9, 10 और 12 के निघा कोलियरी आदिवासी पाड़ा, शिवलाल डांगा आदिवासी पाड़ा सहित सभी आदिवादी पाड़ा में लगभग 6 हजार साड़ी बांटा गया। उन्होंने कहा कि इसके अलावा आसनसोल, रानीगंज, कुल्टी, बाराबनी विधानसभा क्षेत्र में भी तीन चार दिनों के तक लगातार साड़ी वितरण कार्यक्रम किया जाएगा। मौके पर विजय प्रकाश सहित कृष्णा प्रसाद की पूरी टीम मौजूद थी।













