मानवता की मिसाल: समाजसेवी कृष्णा प्रसाद ने लिया असहाय विधवा का घर बनवाने का संकल्प, हुआ भूमि पूजन
विधवा महिला के सिर पर अब होगी पक्की छत
आसनसोल । समाज में आज भी मानवता जिंदा है, इसका जीवंत उदाहरण मंगलवार विशिष्ट समाजसेवी, व्यवसायी, धार्मिक प्रवृति के धनी सह भाजपा युवा नेता कृष्णा प्रसाद ने पेश किया। आसनसोल नगर निगम के 13 नंबर वार्ड गिरमिट शायरपारा गांव में अत्यंत दयनीय और जर्जर हालत में रह रही एक असहाय विधवा पन्ना बाउरी की सुध लेते हुए कृष्णा प्रसाद ने उनके घर को अपने निजी खर्च पर बनवाने का बीड़ा उठाया है। इसी क्रम में मंगलवार सुबह पहले हनुमानजी की पूजा करने के बाद शुभ मुहूर्त में विधि-विधान के साथ घर के नवनिर्माण हेतु भूमि पूजन संपन्न हुआ।
घर बनवाने में कुल ढाई लाख रुपया खर्च होंगे, आज एडवांस के तौर पर 50 हजार रुपया दिया गया। बता दें कि संबंधित महिला लंबे समय से एक टूटे-फूटे और असुरक्षित घर में रहने को मजबूर थी। बरसात और ठंड के मौसम में महिला को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। उक्त गांव में कंबल वितरण के दौरान जब इसकी जानकारी समाजसेवी कृष्णा प्रसाद को हुई, तो उन्होंने तुरंत मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया और विधवा महिला को आश्वासन दिया कि वे खुद इस घर का पूरा निर्माण करवाएंगे।
भूमि पूजन के दौरान कृष्णा प्रसाद ने कहा, “किसी जरूरतमंद की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। इस मां को पक्की छत देना मेरा सौभाग्य है।” कृष्णा प्रसाद ने कहा कि वह एक घर में कंबल दे रहे थे तो उस घर की जर्जर स्थिति को देखकर उनका हृदय व्यथित हुआ क्योंकि घर की स्थिति बहुत ही ज्यादा दयनीय थी ,घर की छत पर फफूंदी और घास शैवाल का जमावड़ा था। कभी भी वह घर गिर सकता था और उसमें रहने वाले लोगों के साथ बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। स्थिति को देखते हुए उस परिवार के साथ बात करने पर पता चला कि उस घर में कुल तीन सदस्य हैं। एक विधवा वृद्ध महिला पन्ना बाउरी और उसके दो बच्चे वह महिला लोगों के घर में झूठे बर्तन मांज कर पेट का गुजारा करती है एवं उसकी बेटी भी उसमें सहायता करती है। लेकिन घर की स्थिति बहुत खराब थी। यह बात सुनकर उनका हृदय बहुत ज्यादा व्यथित हुआ। उन्होंने सोशल मीडिया में भी आकर लोगों को इसकी जानकारी को शेयर किया। जब कोई फायदा नहीं हुआ तो अंततः उन्होंने एक भावनात्मक फैसला लिया कि उस आदिवासी समाज की वंचित महिला पन्ना बाउरी के लिए वह घर का निर्माण करवाएंगे। वे ठेकेदार को लेकर पहुंचे और ठेकेदार को घर बनाने का ठेका दिया, जिसमें एक किचन एक शौचालय और सोने के लिए दो कमरा उपलब्ध हो और उस ठेकेदार को 25 दिनों में इस घर को पूरा करने का निर्देश भी दिया। आदिवासी महिला पन्ना बाउरी के साथ कृष्ण प्रसाद खुद अपने कर कमल द्वारा उसके घर के लिए भूमि पूजन किया और इस संकल्प को चरितार्थ कर एक सराहनीय और ऐतिहासिक कार्य किया।
इस नेक पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। भूमि पूजन के अवसर पर स्थानीय ग्रामीण और कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने समाजसेवी के इस कदम को प्रेरणादायक बताया। अब जल्द ही महिला के लिए एक सुरक्षित और पक्का आशियाना बनकर तैयार हो जाएगा। मौके पर विजय प्रकाश सहित उनकी पूरी टीम मौजूद थी।













