भ्रष्टाचार के आरोपी के खिलाफ जब केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई की गई है, तो मुख्यमंत्री विरोध की है – अग्निमित्रा पाल
आसनसोल । केंद्रीय जांच एजेंसी एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट द्वारा गुरुवार कोलकाता में टीएमसी के चुनावी रणनीतिकार संस्था आईपैक के कार्यालय पर दबिश डाली गई। इसे लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने काफी विरोध जताया। वह आईपैक के कार्यालय भी पहुंच गई और उन्होंने वहां से कुछ फाइल और लैपटॉप भी अपने कब्जे में ले लिया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट के इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि यह सिर्फ टीएमसी को परेशान करने के लिए किया जा रहा है। हालांकि इस पर जब हमने आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पाल से बात की तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए यह कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी जब भी केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा भ्रष्टाचार के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई है, तो इसी तरह से मुख्यमंत्री सड़कों पर उतर आई है। चाहे वह राजीव कुमार हो या फिरहाद हकीम या मदन मित्रा मुख्यमंत्री ने हमेशा भ्रष्टाचार के आरोपियों को बचाने के लिए सड़कों पर उतर कर आंदोलन किया है। इसलिए यह कोई नई बात नहीं है, लेकिन भाजपा विधायक ने यह सवाल किया कि मुख्यमंत्री को कभी उन लोगों के लिए सड़क पर उतरने नहीं देखा गया, जिन शिक्षकों की नौकरी चली गई या उन महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री कभी सड़क पर नहीं उतरी जिनके साथ आए दिन अत्याचार होता है। यह मुख्यमंत्री कभी उन आशा कर्मियों के लिए सड़क पर नहीं उतरती जो अपना वेतन बढ़ाने के लिए आंदोलन कर रही हैं। भाजपा विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री को पूरा अधिकार है, वह कहीं भी जा सकती हैं। लेकिन जिस तरह से आज उन्होंने उस कार्यालय से कुछ फाइल गायब कर दिए। इसे पश्चिम बंगाल की जनता ने देखा है और उनको अब समझ में आ गया है कि ईमानदारी के प्रतीक का असली चेहरा क्या है।













