गणतंत्र भारत की सभ्यता और संस्कृति यादवों के हाथों सुरक्षित है – नंद बिहारी यादव
दुर्गापुर। दुर्गापुर अनुमंडल के पांडेश्वर विधानसभा क्षेत्र में यदुवंशी कल्याण समिति का नव वर्ष यादव समाज का मिलन समारोह का आयोजन अजय नदी के तट पर किया गया। इस कार्यक्रम में यदुवंशी कल्याण समिति के संरक्षक मुख्य अतिथि के रूप में शिल्पांचल के जाने-माने वरिष्ठ अधिवक्ता समाजवादी राजद नेता नंद बिहारी यादव उपस्थित थे। नंद बिहारी यादव ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्णा इस धरती के सबसे पहले प्रथम एवर इस पूरे आर्यावर्त के भूमंडल के गणतंत्र के संस्थापक थे और समाजवाद की बुनियाद उन्होंने पहले डाली थी, जिस समाजवाद में गरीब दलित पिछड़ा अपेक्षित और हर समाज के लोग हर कार्य करने वाले लोग मानव धर्म का पालन करते हुए एकता और शांति का सामंजस्य कर अच्छा से जीवन यापन कर सके।
श्री यादव ने कहा कि 10 वर्ष की उम्र में ही भगवान श्री कृष्ण ने पाखंड और ढोंग का पर्दाफाश कर इंद्र की पूजा जो मनुवादियों के द्वारा कराई जाती थी। उसको बंद कर दिया और उन्होंने प्रकृति गाय की गोवर्धन पूजा स्थापित किया जो उसे युग से यादव समय समाज और गोपालन करने वाले समस्त यदुवंश समाज गोवर्धन पूजा पूरे देश ही नहीं विदेश में धूमधाम से मानता है। श्री यादव ने समाज को संदेश देते हुए कहा कि जब-जब गणतंत्र और भारत पर संकट आया है। यादों ने इसकी रक्षा किया है श्री यादव ने आगे कहा कि वर्तमान में भारत पर फिर एक बार संकट के बादल छा गए हैं और मनुवादी ब्राह्मणवादी व्यवस्था भारत के गणतंत्र और संविधान को यह कुछ हो रहा है। लगातार संविधान और गणतंत्र पर हमला कर रहा है।
श्री यादव ने यादव समाज को और नवजीवों को देश की लोकतांत्रिक प्रणाली के तहत हर अन्याय का विरोध करने का आह्वान किया। श्री यादव ने आगे कहा कि यादव समाज सदियों से गणतंत्र भारत का रक्षा किया है और संविधान का रक्षा किया है। श्री यादव ने कहा कि इस धरती पर यादव ही एक ऐसा वंश और कल है और एक खानदान है जो अपने सुख सुविधा और अपना सब कुछ त्याग करके भी समाज की रक्षा करता है। इसलिए भगवान श्री कृष्णा इस विश्व के सबसे पहले समाजवादी व्यक्तित्व और नेता थे। श्री यादव ने आगे कहा कि जो श्री कृष्णा यदुवंशियों के यदि कुलश्रेष्ठ यादवेंद्र माने जाते हैं। उन्होंने जो समाजवाद की बुनियाद इस धरती पर रखी है। उसकी रक्षा मरते दम तक यादव समाज करेगा। उन्होंने आगे कहा कि पूरे देश में यादव समाज के हर व्यक्तित्व जो समाज में अग्रसर है। उन पर हमला किया जा रहा है। उनका टारगेट किया जा रहा है। श्री यादव ने इस पूरे भारत ही नहीं विश्व का सबसे बड़ा समाजवादी नेता और भारत के संविधान का रक्षक नेताजी मुलायम सिंह यादव और गरीब दलित पिछड़ों का मसीहा लालू प्रसाद यादव को बताया और उन्होंने कहा कि आज के तारीख में पूरे भारत के करोड़ों यादव मुलायम सिंह यादव और लालू प्रसाद यादव के अनुयाई और अनुकरण करने वाले लोग हैं और उनके उत्तराधिकारी अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव के साथ है। श्री यादव ने कहा कि वर्तमान समय में मनुवादी व्यवस्था गणतंत्र और संविधान पर हमला कर रहा है। इसलिए हर यादव को अपने वह वर्क को शिक्षित करना होगा। उन्होंने शिक्षा पर बल डालते हुए कहा कि बच्चों को और बच्चियों को पढ़ाइए और उन्हें डीएम एसपी जज मजिस्ट्रेट वकील बैरिस्टर बनाया और सत्ता में भागीदारी के लिए उन्हें पहला करिए। यही यादव समाज का सबसे बड़ा योगदान होगा और मातृभूमि और भारत की सेवा होगा। इस कार्यक्रम संयोजक पांडवेश्वर के पोखराम यादव ने किया था और इस कार्यक्रम का संचालन शिक्षक अशोक यादव किया और इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में दुर्गापुर अंचल के जाने-माने समाजसेवी और वैसा ही भोला यादव उपस्थित थे। मुख्य रूप से उपस्थित अन्य सम्मानित व्यक्तित्व सर्वश्री रमाकांत यादव, रामाश्रय यादव, केदार यादव, अजीत मुखिया, सुभाष सिंह यादव, मिंटू यादव और यादव समाज के सम्मानित अन्य इस क्षेत्र के लोग संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम शुरू होने से पहले मुख्य अतिथि ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया और उन्हें मंच पर यादव समाज का पीतांबर रंग का गमछा देकर सम्मानित किया गया साथ ही अन्य अतिथियों का भी सम्मान यादव समाज ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में यदुवंशी कल्याण समिति के सर्वश्री राजकुमार यादव, आरपी यादव, नरेश यादव, साहब यादव और पिंटू यादव और सत्येंद्र यादव ने आम भूमिका निभाई।













