अच्छी पैदावार नहीं, सरस्वती पूजा से पहले बेर फसल करने वाले किसान परेशान
कालना । सरस्वती पूजा को लेकर बेर के दाम अच्छे मिल रहे हैं, लेकिन पैदावार काफी कम हुई है। पूरबस्थली में बाओ बेर और एप्पल बेर के फसल करने वाले किसान सरस्वती पूजा से पहले परेशान हैं। इस साल भारी बारिश के कारण फूलों को नुकसान हुआ था। किसानों का कहना है कि पॉलेन की कमी के कारण पैदावार कम हुई है। किसानों ने पारंपरिक फसल के अलावा इस वैकल्पिक फसल की खेती करके मुनाफा देखा था। लेकिन प्राकृतिक आपदाओं के कारण नुकसान होने के बाद उनकी चिंता बढ़ गई है। पूरबस्थली के बारगाछी, धीतपुर, सरदांगा, मोयल, बोल्डेडांगा इलाकों में बीघा-बीघा खेतों में एप्पल बेर और बाओ बेर की खेती होती है। यहां का बेर कोलकाता और दूसरे जिलों में भी बेचा जाता है। अच्छी फसल के मेले में किसान भी इन दो तरह के बेर की खेती करने में ज्यादा दिलचस्पी रखते हैं। लेकिन इस बार भारी बारिश के कारण उन्हें नुकसान हो रहा है। सुदीप घोष नाम के एक किसान ने कहा, ‘इस बार बार-बार भारी बारिश के कारण फूल और नेट खराब हो गए हैं। पैदावार भी कम है। बाजार में कुल का भाव अच्छा मिल रहा है, लेकिन पैदावार उतनी अच्छी नहीं है, इसलिए खेती की लागत बढ़ने की चिंता है।’ एक और किसान प्रकाश घोष ने कहा, ‘कुछ नए पौधे पानी भरने से मर भी गए हैं। भारत सुंदर बेर का भाव 50 से 54 रुपया प्रति किलो है। गोल कुल का भाव 42 से 44 रुपया है। बाओ बेर 30 से 35 रुपया है। पिछले साल किसानों ने 20 क्विंटल बेर पैदा किया था। इस बार उन्हें 2 क्विंटल कुल मिला है। सरस्वती पूजा के दौरान बेर की मांग बढ़ जाती है, लेकिन पैदावार कम होने से किसानों को नुकसान हो रहा है।












