शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने काजी नजरूल विश्वविद्यालय में ममता बनर्जी के सपनों के विश्वविद्यालय की की प्रशंसा की, भाजपा पर निशाना साधा
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आसनसोल । बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने काजी नजरूल विश्वविद्यालय के विशेष कार्यक्रम में शिरकत की, जहां उन्होंने राज्य के कानून एवं श्रम मंत्री मलय घटक, रानीगंज के विधायक तापस बनर्जी और विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डॉ उदय बनर्जी के साथ काजी नजरूल विश्वविद्यालय की महिमा का बखान किया। शिक्षा मंत्री ने इस विश्वविद्यालय को ममता बनर्जी के सपनों का प्रतीक बताया, जिसे विद्रोही कवि काजी नजरूल इस्लाम के सम्मान में बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और कर्मचारियों की प्रशंसा कम ही की जाती है, जबकि यह संस्थान धर्मनिरपेक्षता का जीवंत उदाहरण है। शिक्षा मंत्री ने भाजपा पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि काजी नजरूल इस्लाम के धर्मनिरपेक्ष चरित्र को भाजपा पसंद नहीं करती, जबकि उन्होंने काली मां पर भी महान गीत लिखे थे।
इसके विपरीत, भाजपा बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित वंदे मातरम को बढ़ावा देती है, जिसका मकसद रवींद्रनाथ टैगोर जैसे महान व्यक्तियों को नीचा दिखाना है। उन्होंने बताया कि बंकिम चंद्र चटर्जी और रवींद्रनाथ टैगोर बंगाल के महान सपूत थे और टैगोर ने बंकिम की मृत्यु के दो साल बाद वंदे मातरम को संगीतबद्ध किया था। भाजपा का यह कदम वंदे मातरम को लेकर बेवजह का विवाद खड़ा करने की कोशिश है।













