पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: सर्वदलीय बैठक में उठे मतदाता सूची के मुद्दे
आसनसोल । भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कल दिल्ली में पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की। पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को चुनाव होंगे और चार मई को मतगणना होगी।
इस बारे में आज पश्चिम बर्दवान जिले के जिलाशासक एस. पोन्नवलम की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक हुई, जिसमें सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यहां आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नर रेंज के आयुक्त सुनील कुमार चौधरी एसडीओ विश्वजीत भट्टाचार्य सहित प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
तृणमूल कांग्रेस के आकाश मुखर्जी ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव की तारीखें घोषित हो चुकी हैं, लेकिन अभी मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन नहीं हुआ है। उनका कहना है कि जब तक सभी वैध मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो जाते, तब तक तृणमूल कांग्रेस इस अन्याय के खिलाफ विरोध जारी रखेगी। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के निर्देश पर टीएमसी के सभी नेता और कार्यकर्ता इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेंगे।
कांग्रेस जिला कांग्रेस अध्यक्ष देवेन्द्र चक्रवर्ती ने कहा कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन बिना चुनाव की तारीखों की घोषणा के करना अन्यायपूर्ण है। इससे वैध मतदाताओं के साथ अन्याय होगा, खासकर पश्चिम बंगाल में कई पीढ़ियों से रह रहे लोगों के साथ। उन्होंने मांग की कि चुनाव से पहले जिनके नाम अंडर एडजुडिकेशन हैं, उन्हें अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाए।
वहीं भाजपा प्रतिनिधि प्रशांत चक्रवर्ती ने जिलाधिकारी के साथ बैठक में भाग लिया और चुनाव संबंधी मुद्दे उठाए।
30 अप्रैल को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, 6 मई तक नामांकन पत्र जमा किए जा सकते हैं, और 9 मई तक नाम वापस लिए जा सकते हैं। मतदान 23 अप्रैल को होगा और 4 मई को परिणाम आएगा।
बूथ और मतदाता संख्या
– जिले में इस बार 2504 बूथ हैं, जिनमें 1200 से अधिक मतदाता वाले स्थानों पर ऑक्सुलरी बूथ बनाए जाएंगे।
– चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद बूथों की संख्या 2588 हो जाएगी।
– 15 मार्च तक जिले में मतदाता संख्या 18 लाख से अधिक थी।
अदालत का मामला
– जब अंडर एडजुडिकेशन के बारे में पूछा गया, तो जिलाशासक ने कहा कि यह अदालत का मामला है और वे इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।












