चैत्र नवरात्रि: महाराणी स्थान मंदिर में भव्य पूजा का आयोजन, कलश स्थापना : नवरात्रि पूजन का आगाज
आसनसोल । मुर्गाशाल स्थित महाराणी स्थान मंदिर में चैत्र नवरात्रि के उपलक्ष में कलश स्थापन कर नौ दिनों तक महा नवरात्रि पूजन का आयोजन किया गया। जिसका समापन रामनवमी के दिन भव्य रूप में किया जायेगा।
गुरुवार सुबह से ही इस अंचल की महिलाओं का भीड़ मंदिर में देखी जा रही थी। सनातन धर्म में चैत्र नवरात्र का विशेष महत्व है। पंडित विनय मिश्र ने विधि-विधान से कलश स्थापित किया।
इस अवसर पर मंदिर कमिटि के शम्भूनाथ झा, विनोद पलाहा, कृष्णेन्दु तिवारी, बाबी पलाहा, सुरज सिंह, रितु भाभी, कमेश्वरी चाची, सिम्मी पलाहा, शिल्पी नागपाल, सबिता बर्मन एवं सैंकड़ों महिलाएं मुख्य रूप से उपस्थित थे।
नवरात्रि पूजन का महत्व
नवरात्रि पूजन का महत्व सनातन धर्म में बहुत अधिक है। यह पर्व देवी दुर्गा की पूजा के लिए समर्पित है, जो शक्ति और शौर्य की प्रतीक हैं। नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है, जो जीवन के विभिन्न पहलुओं में शक्ति और शांति प्रदान करती हैं।
पूजा का उद्देश्य
इस पूजा का उद्देश्य देवी दुर्गा की कृपा प्राप्त करना और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाना है। यह पूजा समाज में एकता और भाईचारे की भावना को भी बढ़ावा देती है।












