श्री श्री बसंती दुर्गादेवी महानवमी पूजा: भक्ति और श्रद्धा का महापर्व, नवकन्या पूजन और हवन का भी किया आयोजन
आसनसोल । श्रीश्री बसंती दुर्गादेवी महानवमी के पवित्र अवसर पर, महानवमी विहित पूजा, मध्याह्न आरती और पुष्पांजलि का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कुमारी (नवकन्या) पूजन और हवन का भी आयोजन किया गया, जिससे वातावरण को और भी भक्तिमय बना दिया।
पूजा के दौरान, माता दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना की गई और उनके चरणों में पुष्पांजलि अर्पित की गई। कुमारी पूजन के दौरान, नवकन्याओं की पूजा की गई और उन्हें उपहार दिए गए, जिससे माता दुर्गा की शक्ति और शक्ति का प्रतीक बन सके। हवन के दौरान, माता दुर्गा को शुद्ध घी और अन्य सामग्री से आभूषण किया गया, जिससे वातावरण शुद्ध और पवित्र हो गया।

इस पवित्र अवसर पर, आसनसोल महाबीर स्थान सेवा समिति के सचिव अरुण शर्मा ने कहा, “माता दुर्गा की पूजा हमें शक्ति और साहस प्रदान करती है। उनके आदर्शों को अपनाकर हम अपने जीवन को सार्थक बना सकते हैं। माता दुर्गा की कृपा से हम सभी को सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त हो।” उन्होंने आगे कहा, “इस भव्य पूजा का आयोजन करके, हम माता दुर्गा की कृपा प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। हम सभी से अपील करते हैं कि वे माता दुर्गा के आदर्शों को अपनाएं और अपने जीवन को सार्थक बनाएं।”कन्या पूजन के दौरान, नवकन्याओं की पूजा की गई और उन्हें उपहार दिए गए, जिससे माता दुर्गा की शक्ति और शक्ति का प्रतीक बन सके।
नवकन्याओं को माता दुर्गा का अवतार माना जाता है, और उनकी पूजा से माता दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है। इस अवसर पर, नवकन्याओं को फल, मिठाई और अन्य उपहार दिए गए, और उनकी चरणों में पुष्पांजलि अर्पित की गई। कन्या पूजन के दौरान वातावरण में भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना रहा, और भक्तों ने माता दुर्गा की जय-जयकार की।
इस पवित्र अवसर पर, भक्तों ने माता दुर्गा से आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की। भक्तों ने माता दुर्गा की जय-जयकार की और उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया। इस भव्य पूजा का आयोजन करके, भक्तों ने अपने जीवन को सार्थक बनाया और माता दुर्गा की कृपा प्राप्त की।













