‘दुर्गापुर में टीएमसी नेता शेख वासुल की गिरफ्तारी से हड़कंप: नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी, आतंक फैलाने और वोटर्स को धमकाने का आरोप’
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दुर्गापुर। बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद पुलिस एक्शन मोड में है। गुरुवार देर रात दुर्गापुर-फरीदपुर पुलिस ने तृणमूल श्रमिक संगठन के स्थानीय नेता शेख वासुल को गिरफ्तार कर लिया। रंगामाटी निवासी वासुल पर नौकरी के नाम पर ठगी, इलाके में दहशत फैलाने और चुनाव में वोटर्स को डराने-धमकाने के संगीन आरोप हैं। शुक्रवार सुबह आरोपी को दुर्गापुर महकमा अदालत में पेश किया गया।
रातभर चला पुलिस का गुप्त ऑपरेशन:
दुर्गापुर-फरीदपुर थाने की टीम ने गुरुवार रात गुप्त सूचना पर रंगामाटी इलाके में छापेमारी की। कई सालों से फरार चल रहे शेख वासुल को घर से दबोच लिया गया। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही लाउदोहा और रंगामाटी में सनसनी फैल गई।
पीड़ितों ने खोला आरोपों का पिटारा:
पुलिस सूत्रों के अनुसार शेख वासुल के खिलाफ शिकायतों की लंबी फेहरिस्त है:
– नौकरी घोटाला: बेरोजगार युवकों को सरकारी-प्राइवेट नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये वसूले। पैसे लेने के बाद न नौकरी मिली, न रकम वापस।
– आतंक का साम्राज्य: TMC का रसूख दिखाकर व्यापारियों और आम लोगों से वसूली, विरोध करने पर मारपीट और धमकी।
– चुनाव में दबंगई: पिछले विधानसभा चुनाव में बूथों पर वोटर्स को प्रभावित करने और विपक्षी समर्थकों को धमकाने के आरोप।
कोर्ट में पेशी, पुलिस मांगेगी रिमांड:
शुक्रवार सुबह कड़ी सुरक्षा में शेख वासुल को दुर्गापुर कोर्ट लाया गया। पुलिस ने रिमांड पर लेकर ठगी के पैसे और नेटवर्क का खुलासा कराने की तैयारी की है। जांच अधिकारी का कहना है कि कई और शिकायतकर्ता सामने आ रहे हैं।
सत्ता बदली, शुरू हुई कार्रवाई:
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही अलग-अलग जिलों में टीएमसी नेताओं-कार्यकर्ताओं पर दर्ज पुराने मामलों में गिरफ्तारी तेज हुई है। शेख वासुल की गिरफ्तारी को भी इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों ने पुलिस कार्रवाई का स्वागत किया है।














