आसनसोल के पंचगछिया में 2 जून से सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ व महायज्ञ, आनंद वाहिनी कर रही आयोजन
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आसनसोल । आसनसोल के पंचगछिया में 2 जून से सवा लाख सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम आनंद वाहिनी संस्था की देखरेख में होगा, जिसकी जानकारी संस्था के शंभूनाथ झा ने एक होटल के सभागार में पत्रकार सम्मेलन कर पत्रकारों को दी। मौके पर आनंद वाहिनी की राष्ट्रीय महामंत्री निभा जी भी उपस्थित थी।
शंभूनाथ झा ने कहा आनंद वाहिनी, पूरी गोवर्धन पीठ के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती जी से जुड़ी संस्था है। शंकराचार्य जी कई बार आसनसोल आ चुके हैं और यहां उनका मठ भी स्थित है।

कार्यक्रम की मुख्य बातें:
– स्थान: आनंदम रेजिडेंसी, पंचगछिया, आसनसोल
– तारीख: 2 जून से 12 जून तक
– समय: रोजाना सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक
– आयोजन: सवा लाख सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ महायज्ञ
– भंडारा: हर दिन भक्तों के लिए भंडारे की व्यवस्था रहेगी
शंभूनाथ झा ने बताया कि यह आयोजन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए किया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसमें शामिल हो सकें और इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि जितने भी धार्मिक कार्य हैं, उनमें अधिक से अधिक लोगों का सम्मिलित होना जरूरी है।
उन्होंने शहरवासियों से अपील की है कि इस धार्मिक अनुष्ठान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।
वहीं आनंद वाहिनी की राष्ट्रीय महामंत्री निभा जी ने बताया कि यह कार्यक्रम शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती जी के आश्रम के तत्वावधान में हो रहा है। उनका कहना है कि कलयुग में सनातन धर्म लुप्त हो रहा है और देवी-देवताओं के दर्शन दुर्लभ हैं। लेकिन हनुमान जी को कलयुग का देवता माना जाता है, जिनके पूजन-पाठ से प्रत्यक्ष आशीर्वाद मिलता है।
51 पंडितों की मौजूदगी में होगा पाठ
इस अनुष्ठान के लिए मिथिला, काशी और बंगाल से 51 योग्य पुरोहितों और पंडितों को आमंत्रित किया गया है। सभी पंडित 11 दिन तक यहीं रहेंगे। उनके रहने और भोजन की पूरी व्यवस्था की गई है।
रोजाना सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक लगातार हनुमान चालीसा का पाठ, भजन-कीर्तन चलेगा। रात में भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा।
यह पूरे समाज का कार्यक्रम
निभा जी ने कहा कि यह केवल उनका नहीं, बल्कि पूरे समाज का कार्यक्रम है। बिना समाज के सहयोग से कोई भी आयोजन सफल नहीं होता। यहाँ सभी के लिए एक जैसी व्यवस्था है, कोई भेदभाव नहीं।
उन्होंने आम लोगों से अपील की कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस अनुष्ठान में शामिल हों। “कलयुग में हम सभी को आशीर्वाद की जरूरत है। सनातन धर्म को बचाने के लिए पूजन-पाठ और नाम जाप जरूरी है”।















