पांडवेश्वर की ‘प्रतिष्ठा की जंग’: टीएमसी विधायक नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती और भाजपा के जीतेंद्र तिवारी, 3,803 वोट का अंतर तय करेगा पश्चिम बर्दवान की सबसे हॉट सीट का विजेता
पांडवेश्वर । पश्चिम बर्दवान जिले की पांडवेश्वर विधानसभा सीट 2026 चुनाव की सबसे चर्चित लड़ाई का मैदान बन चुकी है। यहां मुकाबला सीधा है: तृणमूल कांग्रेस बनाम भाजपा। टीएमसी के मौजूदा विधायक और जिला अध्यक्ष नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती के सामने हैं भाजपा प्रत्याशी जीतेंद्र तिवारी, जो आसनसोल के पूर्व मेयर और टीएमसी के पूर्व विधायक रह चुके हैं।
1,84,388 वोटर, सांस रोक देने वाला मुकाबला
पांडवेश्वर में कुल 1,84,388 मतदाता हैं — 94,012 पुरुष और 90,370 महिला। 2021 में नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती सिर्फ 3,803 वोटों से जीते थे। इतना कम अंतर इस बार सीट को ‘टू क्लोज टू कॉल’ बना रहा है।
कोयला बेल्ट के दाग और ईडी की दस्तक
पिछले 15 साल में कोयला खनन-परिवहन पर टीएमसी का दबदबा रहा है। मगर अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोयला तस्करी से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की नई जांच शुरू की है। अवैध कोयला और बालू खनन भी एजेंसियों के रडार पर हैं।
दिलचस्प यह कि आमने-सामने वाले दोनों बड़े चेहरे नरेंद्रनाथ और जीतेंद्र — एससी/एसटी एक्ट* के तहत दर्ज एफआईआर का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा अंडरग्राउंड आग, धंसान, विस्थापितों के पुनर्वास और खदान क्षेत्र में वायु प्रदूषण जैसे स्थानीय मुद्दे भी वोटर के मूड पर असर डालेंगे।
11,268 नाम कटे, बढ़ी धड़कनें
ताजा वोटर लिस्ट से 11,268 नाम हटाए गए हैं, जो कुल वोटर का 5% से ज्यादा है। 3,803 के पुराने अंतर वाली सीट पर यह आंकड़ा नतीजा पलटने के लिए काफी है।
किसका पलड़ा भारी?
जमीनी रिपोर्ट्स के मुताबिक फिलहाल नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती को मामूली बढ़त है। वहीं जीतेंद्र तिवारी की ताकत लाउदोहा-फरीदपुर ब्लॉक की अल्पसंख्यक बहुल पंचायतें मानी जा रही हैं, जहां उनकी पुरानी पकड़ है। पांडवेश्वर की यह लड़ाई सिर्फ एक सीट की नहीं, बल्कि बंगाल में ‘अपनों के बीच जंग’ और कोयलांचल की सियासत की दिशा तय करने वाली है।












