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आसनसोल के श्री श्याम मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का चतुर्थ दिवस: श्रीकृष्ण जन्मोत्सव से गोवर्धन लीला तक की कथा से भक्त भाव-विभोर, संजय शास्त्री जी ने सुनाया दिव्य प्रसंग

आसनसोल, 9 जून 2026।  राहा लेन स्थित श्री श्याम मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह के चतुर्थ दिवस की कथा आज अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ संपन्न हुई। कथा व्यास परम पूज्य श्री संजय शास्त्री जी ने भगवान श्रीकृष्ण की जन्म से लेकर गोवर्धन लीला तक की दिव्य कथाओं का रसपान कराया। कथा प्रांगण में उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान की लीलाओं का श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की।

पंच दिव्य प्रसंगों से गूंजा कथा पंडाल:
1. श्रीकृष्ण जन्मोत्सव: कंस के अत्याचारों से त्रस्त पृथ्वी पर धर्म की स्थापना के लिए *मथुरा की कारागार में देवकी-वसुदेव के घर भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण रूप में अवतार लिया*। जन्म के बाद वसुदेव ने उन्हें गोकुल पहुंचाया।

2. गोकुल आगमन: यमुना पार कर वसुदेव ने बालक कृष्ण को नंद बाबा-यशोदा माता को सौंपा। गोकुल में नंदलाल की मोहक छवि से सभी आनंदित हो उठे।

3. बाल लीलाएँ: माखन चोरी, गोप-बालकों संग क्रीड़ा और पूतना, शकटासुर, तृणावर्त जैसे राक्षसों के वध की लीलाओं से भगवान ने भक्त रक्षा का संदेश दिया। यशोदा मैया के वात्सल्य का अद्भुत वर्णन हुआ।

4. कालिय नाग दमन: यमुना को विषाक्त करने वाले कालिय नाग के फनों पर नृत्य कर श्रीकृष्ण ने उसका अभिमान चूर किया। क्षमा याचना पर उसे यमुना छोड़ने का आदेश दिया, जिससे नदी पुनः शुद्ध हुई।

5. गोवर्धन लीला: इंद्र के अभिमान को तोड़ने के लिए कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर भगवान ने गोकुलवासियों की रक्षा की। प्रकृति पूजा का संदेश देकर इंद्र का गर्व खंडित किया।

भक्ति से सराबोर हुआ वातावरण
कथा के दौरान “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भजनों पर नृत्य कर भक्ति का प्रदर्शन किया। कथा के अंत में आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया।

 

  

        

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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