दिल्ली होटल अग्निकांड की सबसे दर्दनाक दास्तान: तीन पीढ़ियां एक साथ खत्म, आखिरी सांस तक अनजान रहे बुजुर्ग राधेश्याम अग्रवाल
आसनसोल, 11 जून 2026। दिल्ली के होटल अग्निकांड में एक परिवार की तीन पीढ़ियों के एक साथ खत्म हो जाने की हृदयविदारक घटना सामने आई है। भगवान की लीला को दर्शाती इस त्रासदी ने सबको झकझोर कर रख दिया है।
स्वास्थ्य लाभ के लिए आए थे दिल्ली
हरियाणा निवासी राधेश्याम अग्रवाल को स्वास्थ्य लाभ के लिए उनका परिवार दिल्ली साकेत के मैक्स अस्पताल में लेकर आया था। परिजनों के प्रेम और स्नेह के चलते पूरा परिवार उनके जीवन की रक्षा के लिए दिल्ली में ही रुका हुआ था। इलाज के दौरान परिवार होटल में ठहरा था।
इंतजार में टूट गई तीन पीढ़ियां
राधेश्याम अग्रवाल के ठीक होने के इंतजार के बीच ही होटल में हुए अग्निकांड ने पूरे परिवार को लील लिया। इस अकाल मृत्यु में उनके परिवार की तीन पीढ़ियों ने एक साथ दम तोड़ दिया।
सबसे दुखद: आखिरी सांस तक नहीं दी गई खबर
त्रासदी यहीं नहीं रुकी। मंगलवार को राधेश्याम अग्रवाल ने भी अस्पताल में ही दम तोड़ दिया। सबसे दर्दनाक सच यह रहा कि आखिरी समय तक उन्हें इस हादसे की जानकारी नहीं दी गई।
परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों को डर था कि वह यह खबर सहन नहीं कर पाएंगे। बार-बार अपने परिवार के बारे में पूछने पर भी उन्हें कुछ नहीं बताया गया। शायद उन्हें भनक लग गई थी, और परिवार से मिलने की आस में उन्होंने भी दुनिया को अलविदा कह दिया।

आसनसोल के व्यवसायी सुरेन जालान ने जताया शोक
इस हृदयविदारक घटना पर आसनसोल के विशिष्ट व्यवसायी और समाजसेवी सुरेन जालान ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा:
“यह सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, पूरे समाज के लिए असहनीय आघात है। इलाज की आस में आए एक परिवार का इस तरह तीन पीढ़ियों समेत खत्म हो जाना नियति की सबसे क्रूर मार है। सोचकर ही रूह कांप जाती है कि आखिरी सांस तक एक बुजुर्ग अपने परिवार को ढूंढता रहा, और उन्हें पता तक नहीं चला। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दे। हम सबकी जिम्मेदारी है कि ऐसे हादसों से सबक लें ताकि कोई और परिवार इस दर्द से न गुजरे। होटल और अस्पतालों में सुरक्षा मानकों पर अब सख्ती से काम होना चाहिए।”
“शायद ईश्वर को यही मंजूर था”
एक पल में पूरा परिवार उजड़ गया। नियति की इस क्रूरता ने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर दिया है। इलाज कराने आए परिवार का इस तरह खत्म हो जाना समाज के लिए गहरा आघात है।















