पांडवेश्वर से बड़ी खबर: ‘बालू तस्करी का बेताज बादशाह’ युधिष्ठिर घोष गिरफ्तार, वाममोर्चा से TMC राज तक बनाया साम्राज्य, BJP सरकार में कसा शिकंजा
पांडवेश्वर, 12 जून 2026। पांडवेश्वर से एक बड़ी खबर सामने आई है। बालू तस्करी के ‘बेताज बादशाह’ माने जाने वाले युधिष्ठिर घोष को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अजय नदी से अवैध बालू खनन और कोयला तस्करी के जरिए अकूत संपत्ति बनाने वाले घोष पर आखिरकार कानून का शिकंजा कस गया।
वाममोर्चा में शुरुआत, TMC राज में बढ़ा साम्राज्य
युधिष्ठिर घोष का इतिहास रहा है कि उन्होंने वाममोर्चा के शासनकाल में अवैध गतिविधियों में कदम रखा था। लेकिन तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद उनका प्रभाव तेज गति से बढ़ा। देखते ही देखते वह अकूत संपत्ति का मालिक बन बैठा।
इलाके में खौफ का राज, कोई मुंह न खोलता था
इलाके में उसका खौफ इस कदर था कि तमाम शिकायतों के बावजूद किसी में भी उसके खिलाफ मुंह खोलने की हिम्मत नहीं थी। अवैध कारोबार के दम पर उसने बेहद कम समय में एक विशाल साम्राज्य खड़ा कर लिया।
BJP सरकार में कार्रवाई, ED भी मार चुकी है छापा
हालांकि, राज्य में भाजपा के सत्ता में आते ही आखिरकार कानून का शिकंजा उन पर कस गया और उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया गया। विधानसभा चुनाव से पहले अजय नदी से अवैध बालू खनन एवं तस्करी के मामले में ED ने युधिष्ठिर घोष के ठिकानों पर छापेमारी भी की थी।
कोयला और बालू: दोहरा काला कारोबार
युधिष्ठिर घोष का नाम लंबे समय से अजय नदी से बालू तस्करी से जुड़ा रहा है। साथ ही अवैध कोयला कारोबार में भी उसका नाम सामने आ चुका है। आरोप है कि वह पांडवेश्वर और उसके आसपास के क्षेत्रों से अवैध रूप से कोयला निकालकर राज्य के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई करता था।
अजय नदी के विभिन्न घाटों से बड़े पैमाने पर बालू का अवैध खनन और तस्करी करता था। इस काले धंधे की बदौलत उसने आलीशान मकान, कीमती गाड़ियां, भारी मात्रा में जमीन और अकूत नकदी जमा कर ली थी।
अचल संपत्ति पर ED की नजर
उसकी इस अचल संपत्ति को लेकर काफी समय से कयासों का बाजार गर्म था। इसी सिलसिले में कोयला और बालू तस्करी घोटाले की जांच के दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उसके कई ठिकानों पर कार्रवाई की थी।















