सरकारी संपत्ति पर तृणमूल का दफ्तर: बाराबनी में ‘मानिक उपाध्याय स्मृतिभवन’ पर प्रशासन ने जड़ा ताला, नोटिस चस्पा
बाराबनी, 16 जून 2026। बाराबनी में राजनीतिक कब्जे के आरोप पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सरकारी संपत्ति पर लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस का पार्टी कार्यालय चलने के आरोप में मंगलवार को पांचगछिया स्थित’स्वर्गीय मानिक उपाध्याय स्मृतिभवन’ पर बाराबनी ब्लॉक प्रशासन ने ताला जड़ दिया। मौके पर पुलिस और केंद्रीय बल तैनात रहा। इस घटना से इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
कम्युनिटी हॉल था TMC का दफ्तर
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, भवन सरकारी कम्युनिटी हॉल था, लेकिन लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय के रूप में इस्तेमाल हो रहा था। पूर्व बाराबनी विधायक और वर्तमान आसनसोल नगर निगम के मेयर बिधान उपाध्याय की राजनीतिक गतिविधियों का यह मुख्य केंद्र माना जाता था।
बिना अनुमति प्रवेश निषेध का नोटिस
मंगलवार सुबह ब्लॉक प्रशासन के अधिकारी पुलिस के साथ भवन के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। भवन की दीवार पर सरकारी नोटिस चस्पा किया गया, जिसमें स्पष्ट लिखाथा- “यह सरकारी संपत्ति है। बिना अनुमति प्रवेश निषेध।”
BDO बोले- ‘सरकारी संपत्ति है’
बाराबनी ब्लॉक के बीडीओ शिलादित्य भट्टाचार्य ने कहा, “भवन सरकारी संपत्ति है। इसी कारण प्रशासन की तरफ से ताला लगाया गया है।” हालांकि उन्होंने इस विषय पर और टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
TMC नेता ने जताया विरोध
घटनास्थल पर पहुंचे तृणमूल नेता और बाराबनी पंचायत समिति के शिक्षा कर्माध्यक्ष प्रदीप मिश्रा ने आरोप लगाया, “हम आए तो देखा पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय में ताला लगाया जा रहा है।”
मेयर बिधान उपाध्याय की प्रतिक्रिया
मेयर बिधान उपाध्याय ने कहा, “वह भवन सरकारी कम्युनिटी हॉल था। हम वहां बैठते थे। ताला लगाने के बारे में और क्या कहूं, सब लोग सबकुछ देख रहे हैं।”
BJP विधायक बोले- ‘होना ही था’
बाराबनी के बीजेपी विधायक अभिजीत राय ने कहा, “यह होना ही था। लंबे समय से सरकारी संपत्ति का पार्टी काम में इस्तेमाल हो रहा था। चुनाव में जीत के बाद ही कहा था, सरकारी संपत्ति को कब्जा मुक्त किया जाएगा। प्रशासन ने वही काम किया है।”
‘आम लोगों के लिए खुलेगा भवन’
उन्होंने दावा किया कि भवन का जीर्णोद्धार कर आम लोगों के इस्तेमाल के लिए खोल दिया जाएगा और भविष्य में विभिन्न सरकारी कार्यक्रम वहां आयोजित किए जाएंगे।
राजनीतिक विवाद शुरू
सरकारी संपत्ति में पार्टी कार्यालय चलाने के आरोप में प्रशासन की इस कार्रवाई से बाराबनी के राजनीतिक गलियारे में नया विवाद शुरू हो गया है। राजनीतिक हलकों का मानना है कि यह घटना आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में बड़े बहस का मुद्दा बन सकती है।














