जामुड़िया में कारखाना बंद होने पर बवाल, 50 श्रमिकों का भविष्य अधर में
जामुड़िया। पूर्व सूचना के कारखाना बंद करने का नोटिस चिपकाने से जामुड़िया के रामाजी इस्पात प्राइवेट लिमिटेड में तनाव फैल गया। शुक्रवार सुबह काम पर पहुंचे श्रमिकों ने गेट पर बंदी का नोटिस देखा और तुरंत मुख्य फाटक पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
क्या है मामला:
– नोटिस में दावा: कारखाना प्रबंधन ने आर्थिक नुकसान और बाजार में मंदी का हवाला देते हुए 18 जून 2026 से उत्पादन बंद करने की घोषणा की है। साथ ही लिखा है कि बंदी के दौरान श्रमिकों को कोई वेतन नहीं दिया जाएगा।
– श्रमिकों का आरोप: श्रमिक मंगल मांझी ने बताया कि गुरुवार तक काम सामान्य था। किसी को पहले से जानकारी नहीं दी गई। अचानक फैसले से 45-50 श्रमिकों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया है।
– मांग: आंदोलनकारी श्रमिकों का कहना है कि बंदी से पहले श्रम कानून के तहत उचित प्रक्रिया अपनानी चाहिए थी और श्रमिकों से बात करनी चाहिए थी। प्रबंधन ने एकतरफा फैसला लिया।
राजनीतिक प्रतिक्रिया: जामुड़िया मंडल-3 के सभापति द्वीप बैनर्जी ने श्रमिकों का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “बिना नियम और कानूनी प्रक्रिया के कोई उद्योग ऐसे बंद नहीं किया जा सकता। श्रमिकों के हित में प्रशासन और प्रबंधन को तुरंत दखल देना चाहिए।”
पुलिस मौके पर: घटना की सूचना पर जामुड़िया थाना पुलिस हालात काबू करने पहुंची। अंतिम सूचना तक श्रमिकों का धरना जारी था और प्रबंधन की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
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