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“आसनसोल नगर निगम भंग: नागरिक सेवाओं में लापरवाही बनी वजह”

 

आसनसोल। पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 7 जुलाई 2026 को आसनसोल नगर निगम को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। शहरी विकास और नगर मामलों के विभाग ने पश्चिम बंगाल नगर निगम अधिनियम 2006 की धारा 60 के तहत यह आदेश जारी किया है।

सरकार का आरोप है कि निगम अपने संवैधानिक कर्तव्यों को निभाने में पूरी तरह नाकाम रहा है।

भंग करने के पीछे ये 5 बड़े कारण

सरकार द्वारा जारी आदेश में निगम के कामकाज में कई गंभीर खामियां गिनाई गई हैं:

1. बोर्ड मीटिंग ठप: मई 2026 के बाद से बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की कोई बैठक नहीं हुई। पार्षदों और निर्वाचित प्रतिनिधियों की गैरहाजिरी लगातार बढ़ रही थी।
2. राजस्व को चूना: नियमों को ताक पर रखकर वाणिज्यिक संस्थानों को 20% तक संपत्ति कर में छूट दे दी गई। इससे निगम को करोड़ों का नुकसान हुआ।
3. आवास योजना का पैसा लौटाया: ‘सभी के लिए आवास’ योजना के तहत आए फंड को बिना सही प्रक्रिया के वापस कर दिया गया।
4. जनता की सेवा ठप: पार्षदों की उदासीनता के कारण पीने का पानी, स्ट्रीट लाइट, नाली और सफाई जैसी जरूरी सुविधाएं चरमरा गई थीं।
5. आपदा की तैयारी नहीं: मानसून के समय आपदा प्रबंधन और जरूरी नागरिक सेवाओं को लेकर निगम की कोई तैयारी नहीं थी।

मेयर का जवाब नहीं आया सरकार को रास

इससे पहले 30 जून को सरकार ने निगम से स्पष्टीकरण मांगा था। मेयर ने 7 जुलाई को अपना पक्ष रखते हुए सभी आरोपों को गलत बताया। लेकिन सरकार ने मेयर के तर्कों को “असंतोषजनक” करार दे दिया।

विभाग ने कहा कि मेयर द्वारा नागरिक सेवाओं को लेकर किए गए दावों के पास कोई ठोस सबूत नहीं था। संपत्ति कर में दी गई छूट भी गैर-कानूनी पाई गई।

सरकार का स्पष्ट कहना है कि आसनसोल नगर निगम अपने दायित्वों को निभाने में पूरी तरह असफल हो गया है। इसी कारण निगम को भंग कर प्रशासनिक व्यवस्था अपने हाथ में लेने का फैसला लिया गया है।

 

  

        

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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