रघुनाथपुर में जमीन विवाद में टॉर्चर के बाद मौत का आरोप: बेटी ने चाचा पर लगाया मानसिक दबाव देने के कारण मौत का आरोप, न्याय की गुहार
बिहार के भरखड़ गांव की घटना, आसनसोल की बेटी ने मंत्री और अधिकारियों को भेजा लेटर, कहा- “पापा को अकेले बुलाकर टेंशन दिया गया”
आसनसोल, 9 जुलाई 2026। जमीन बंटवारे को लेकर हुए विवाद में मानसिक दबाव के चलते मौत का एक गंभीर मामला सामने आया है। आसनसोल निवासी अवध बिहारी पाठक की बेटी लवली पाठक ने अपने चाचा ब्रिज बिहारी पाठक पर आरोप लगाया है कि उन्होंने उनके पिता को टॉर्चर कर उनकी मौत का कारण बने।
“अकेले बुलाकर दिया टेंशन, गिरने के बाद नहीं पहुंचाया हॉस्पिटल”
लवली पाठक ने बताया कि उनके पिता को 7 मई को हार्ट की समस्या के चलते आसनसोल के हेल्थ वर्ल्ड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए वेल्लोर जाने की सलाह दी थी। इलाज के लिए पैसे की जरूरत होने पर पिता ने बिहार के रघुनाथपुर, भरखर गांव स्थित पुश्तैनी खेत बेचने की बात अपने छोटे भाई से की।
आरोप है कि पहले तो चाचा ने मार्च और फिर मई में आने के लिए हामी भरी और सबके सामने इलाज में मदद करने की बात कही। लेकिन एक दिन पिता को अकेले घर बुलाकर उनसे जमीन बेचने को लेकर विवाद किया गया।
लवली का कहना है, “डॉक्टरों ने साफ कहा था पापा को कोई टेंशन नहीं देनी है। फिर भी चाचा ने अकेले में उन्हें मानसिक दबाव दिया। इसके बाद पापा उनके दरवाजे पर ही गिर पड़े। गिरने के बाद भी उन्हें तुरंत अस्पताल नहीं ले जाया गया और पूरा परिवार घर के अंदर चला गया। इसी वजह से पापा की वहीं मौत हो गई।”
बिना पोस्टमार्टम के किया अंतिम संस्कार, FIR भी दर्ज नहीं
लवली के अनुसार, घटना की सूचना मिलने पर परिवार वाले पंजाब मेल से भरखर पहुंचे। लेकिन वहां न तो FIR दर्ज हुई, न ही पोस्टमार्टम हुआ और आनन-फानन में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम यात्रा के दौरान भी गांव के कुछ लोगों ने दबाव बनाने की कोशिश की।
मां की सुरक्षा को लेकर डरे हुए हैं परिजन
बेटी ने कहा कि इस घटना के बाद उनकी मां काफी डरी हुई हैं। उन्हें डर है कि रिश्तेदारों द्वारा आगे भी दबाव बनाया जा सकता है। इसी को लेकर उन्होंने राज्य के मंत्री और प्रशासन के अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी है।
“मेरे पापा की मौत नेचुरल नहीं थी। उन्हें मानसिक दबाव देकर मारा गया है। मेरी मांग है कि भविष्य में मेरी मां को कोई टॉर्चर न करे। अगर ऐसा होता है तो सख्त कार्रवाई हो।”















