आसनसोल रेलवे जमीन विवाद: 2022 की PIL के बाद अब हाईकोर्ट के आदेश पर 17 जुलाई को होगा पौधारोपण का संयुक्त निरीक्षण, पर्यावरण बनाम विकास की लड़ाई
आसनसोल । आसनसोल शहर के बीचों-बीच रेलवे की जमीन पर प्रस्तावित व्यावसायिक निर्माण को लेकर 4 साल से चल रहा विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। पर्यावरण संरक्षण बनाम शहरी विकास के इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद अब पूर्व रेलवे ने पौधारोपण के सत्यापन के लिए कदम उठाए हैं।
पूर्व रेलवे, आसनसोल मंडल के सहायक अभियंता/मुख्यालय ने 14 जुलाई 2026 को पत्र संख्या AEN/HQ/JS/26 जारी कर 17 जुलाई 2026, सुबह 10:00 बजे संयुक्त निरीक्षण का आदेश दिया है।
2022 में दायर हुई थी जनहित याचिका – क्या था पूरा मामला
वर्ष 2022 में आसनसोल के खोज खबर के संपादक कुमारजीत साव ने कलकत्ता हाईकोर्ट में W.P.A. No. 18439/2022 के तहत जनहित याचिका दायर की थी। याचिका संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दायर की गई।

1. व्यावसायिक निर्माण और पेड़ कटाई: रेलवे बोर्ड और RLDA ने 03.08.2021 के लीज एग्रीमेंट के तहत आसनसोल बाजार क्षेत्र की रेलवे जमीन पर व्यावसायिक विकास के लिए निविदा निकाली। इसके लिए बड़े पैमाने पर पेड़ और झाड़ियां काटी जा रही हैं।
2. जलजमाव का खतरा: याचिका में कहा गया कि आसनसोल बाजार, M.N. साहा रोड और रेलवे जमीन का सारा पानी नाली के जरिए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स होते हुए गोरुई नदी में जाता है। सरकारी रिकॉर्ड में यह क्षेत्र नाली/वेटलैंड के रूप में दर्ज है। सितंबर/अक्टूबर 2021 में भारी बारिश में पूरा बाजार क्षेत्र 10-11 फीट पानी में डूब गया था, जिससे करोड़ों का नुकसान हुआ था। यहां निर्माण से जल निकासी पूरी तरह बाधित होगी।
3. कानून और संविधान का उल्लंघन: आरोप है कि पश्चिम बंगाल वृक्ष संरक्षण अधिनियम 2006 की धारा 4 और 5 के तहत बिना अनुमति पेड़ काटे गए। साथ ही स्थानीय लोगों से परामर्श न कर अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन हुआ।
याचिका में मांग: रेलवे को पेड़ कटाई और निर्माण पर रोक, नगर निगम को बिना कानूनी प्रक्रिया मंजूरी न देने का आदेश और मामले की सुनवाई तक अंतरिम रोक।
रेलवे का पक्ष: याचिका में रेलवे बोर्ड के 30.01.2020 और 17.10.2018 के पत्रों का हवाला देते हुए कहा गया कि रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 11 के तहत रेलवे को अपनी जमीन पर निर्माण का अधिकार है। इसके लिए स्थानीय निकाय की सिर्फ परामर्श जरूरी है, सहमति नहीं।
इस मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अंकिता घोष ने पैरवी की। रेलवे बोर्ड, पूर्व रेलवे, आवास एवं शहरी मामलों का मंत्रालय और आसनसोल नगर निगम को पक्ष बनाया गया।
अब हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई – 17 जुलाई को निरीक्षण
उसी मूल याचिका से जुड़े CPAN/67/2025 के तहत हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में पूर्व रेलवे ने अब पौधारोपण की स्थिति जांचने का फैसला लिया है।
पत्र में कुमारजीत साव निवासी नुरुद्दीन रोड को 17 जुलाई को निर्धारित समय पर उपस्थित रहने को कहा गया है। उनके साथ SSE/Works/West/ASN (I/C) निरीक्षण टीम में शामिल रहेंगे।
पत्र की कॉपी ADRM/ASN, Sr. DEN/Co-Ord/ASN, Sr. DEN/I/ASN, LO/ASN और SSE/W/ASN को भी भेजी गई है। यह कार्रवाई Law Officer/ER/ASN के पत्र दिनांक 09.07.2026 के संदर्भ में की जा रही है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
इस मामले को लेकर आसनसोल के व्यापारी और आम लोग दो धड़ों में बंटे हैं। एक तरफ व्यापारी संगठन शहर के विकास और आधुनिक सुविधाओं के लिए निर्माण का समर्थन कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ पर्यावरणविद और स्थानीय नागरिक जलजमाव और हरियाली बचाने की मांग कर रहे हैं।
कानूनी जानकारों का मानना है कि 17 जुलाई का संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश होने के बाद मामले की अगली दिशा तय होगी।













