“21 जुलाई पर विशेष: डॉ. बिधान चंद्र रॉय बंगाल के निर्माता थे – सुरेन जालान”
आसनसोल। 21 जुलाई के अवसर पर आसनसोल के विशिष्ट व्यवसायी और समाजसेवी सुरेन जालान ने पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने डॉ. रॉय को “बंगाल के आधुनिक युग का वास्तुकार” बताया।
सुरेन जालान ने कहा कि डॉ. बिधान चंद्र रॉय सिर्फ एक महान चिकित्सक ही नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी राजनेता और सक्षम स्वतंत्रता सेनानी भी थे। उनका जन्म 1 जुलाई 1882 को बिहार के पटना (बांकीपुर) में हुआ था। उनके जन्मदिन को ही भारत में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के रूप में मनाया जाता है।
उन्होंने बताया कि डॉ. रॉय ने पटना कॉलेज से गणित में स्नातक करने के बाद कलकत्ता मेडिकल कॉलेज से चिकित्सा की पढ़ाई की। इसके बाद लंदन जाकर सेंट बार्थोलोम्यू अस्पताल से ‘MRCP’ और ‘FRCS’ की उपाधि पाने वाले वे पहले एशियाई बने। नाड़ी देखकर बीमारी पहचानने में उन्हें महारत हासिल थी। वे महात्मा गांधी और पंडित नेहरू जैसे नेताओं के निजी चिकित्सक भी रहे।
बंगाल के लिए डॉ. रॉय का योगदान:
– *1948 से 1962 तक* पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे। विभाजन के बाद जब बंगाल शरणार्थी और प्रशासनिक संकट से जूझ रहा था, तब उन्होंने राज्य को संभाला।
– उनके प्रयासों से ही *दुर्गापुर, कल्याणी, विधाननगर (साल्ट लेक) और हावड़ा ब्रिज* जैसी बड़ी परियोजनाओं की नींव पड़ी।
– जनसेवा के लिए उन्हें 1961 में ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया।
सुरेन जालान ने कहा, “अगर भगवान ने डॉ. रॉय को कुछ दिन और दिए होते तो आज पश्चिम बंगाल पूरे विश्व में लंदन से भी बड़ा प्रदेश होता। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा है। डॉ. बिधान चंद्र रॉय जी को शत-शत नमन।”
