आसनसोल में भाजपा ने मनाया ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’, मंत्री डॉ. अजय पोद्दार बोले- ‘विभाजन का दर्द भूलना नहीं चाहिए, नई पीढ़ी को इतिहास से सीख लेनी होगी
आसनसोल । स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को आसनसोल के रवींद्र भवन में भाजपा के आसनसोल संगठनात्मक जिला की ओर से ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य 1947 के देश विभाजन के दौरान हुई त्रासदी को याद करना और नई पीढ़ी को उस इतिहास से अवगत कराना था।
दीप प्रज्वलित कर हुआ उद्घाटन
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दीप प्रज्वलित करने के लिए मंच पर राज्य के लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य तकनीकी विभाग के मंत्री डॉ. अजय पोद्दार और भाजपा आसनसोल जिला अध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य उपस्थित थे।
इस अवसर पर आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी, बाराबनी के विधायक अर्जित राय सहित जिले के कई भाजपा विधायक, वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
‘विभाजन का दर्द और स्वतंत्रता का संघर्ष’ पर चर्चा सभा
कार्यक्रम में एक विशेष चर्चा सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने 15 अगस्त 1947 से पहले देश के विभाजन के कारण उत्पन्न हुई भयावह परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की।
बताया गया कि कैसे धर्म के आधार पर हुए बंटवारे के दौरान लाखों लोगों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा, हिंसा और पलायन का सामना करना पड़ा। वक्ताओं ने कहा कि उस विभीषिका के दौर से गुजरने के बाद ही देश को आजादी मिली, लेकिन उसकी कीमत बहुत बड़ी थी।
सांस्कृतिक कार्यक्रम से दी गई श्रद्धांजलि
चर्चा सभा के बाद एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। देशभक्ति गीतों और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से विभाजन के दर्द और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग को दर्शाया गया।
नेताओं ने क्या कहा?
मंत्री डॉ. अजय पोद्दार ने कहा कि “विभाजन का इतिहास सिर्फ अतीत नहीं है, बल्कि यह हमें एकता और अखंडता का पाठ सिखाता है। हमें उस दर्द को याद रखना होगा ताकि देश फिर कभी इस तरह के बंटवारे का शिकार न हो। नई पीढ़ी को अपने इतिहास की सच्चाई जाननी चाहिए।
विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर हर साल 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाया जाता है, ताकि हम उन लाखों लोगों के बलिदान को न भूलें जिन्होंने आजादी की कीमत चुकाई।
कार्यक्रम के अंत में विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
























