“घर-घर जाकर बंधाया हौसला” – हिमोफीलिया सोसाइटी दुर्गापुर का सप्ताह भर का घर-भेंट कार्यक्रम, 8 परिवारों से मिलीं टीमें
दुर्गापुर, 17 अगस्त 2026। हिमोफीलिया सोसाइटी दुर्गापुर चैप्टर ने “परिवारों तक पहुंच आशा साझा करना देखभाल को मजबूत करना” के संकल्प के साथ पश्चिम बंगाल के सुदूर इलाकों में रहने वाले गंभीर हिमोफीलिया से ग्रसित 8 बच्चों और उनके परिवारों से मिलने के लिए एक सप्ताह लंबा घर-भेंट कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न किया।
घर जाकर समझीं समस्याएं
इस कार्यक्रम का उद्देश्य हिमोफीलिया से ग्रसित बच्चों की देखभाल करने वाले परिवारों की रोजमर्रा की चुनौतियों को करीब से समझना था। टीम ने इलाज, नियमित देखभाल, शिक्षा, आवागमन, आर्थिक कठिनाइयों और चिकित्सा सेवाओं तक पहुंच जैसी समस्याओं पर बातचीत की।
परिवारों ने खुलकर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि बच्चों की उचित देखभाल और उपचार सुनिश्चित करने में उन्हें मानसिक पीड़ा, सामाजिक कलंक, जागरूकता की कमी और आस-पड़ोस के लोगों के भेदभाव का सामना करना पड़ता है। कई परिवारों ने वित्तीय तंगी और अस्पतालों तक पहुंचने में होने वाली दिक्कतों का भी जिक्र किया।
“घर-भेंट से मजबूत होता है रिश्ता” – अजय राय
हिमोफीलिया सोसाइटी दुर्गापुर चैप्टर के सचिव अजय राय ने कहा, “हमारा दृढ़ विश्वास है कि घर-भेंट कार्यक्रम चैप्टर और प्रभावित परिवारों के बीच के बंधन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। व्यक्तिगत बातचीत, सहानुभूति, प्रोत्साहन और समय पर सहयोग हिमोफीलिया से ग्रसित व्यक्तियों और उनके परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “प्यार, प्रोत्साहन, समग्र देखभाल और निरंतर सहयोग से हिमोफीलिया से ग्रसित बच्चे भी स्वस्थ, खुशहाल और गरिमापूर्ण जीवन जी सकते हैं – बिना अनावश्यक दर्द और स्थायी अपंगता के।”
“हम साथ मिलकर देखभाल करते हैं , हम साथ मिलकर सहयोग करते हैं, हम साथ मिलकर आशा देते हैं”
चैप्टर ने स्पष्ट किया कि वह हिमोफीलिया से ग्रसित लोगों और उनके परिवारों के साथ हर कदम पर खड़ा है और हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
सोसाइटी का विजन है: “अपंगता रहित हिमोफीलिया दर्द से मुक्त बच्चे”।
एक सप्ताह के इस अभियान के दौरान टीमों ने परिवारों को स्वयं-इन्फ्यूजन, फिजियोथेरेपी और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। परिवारों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे अपने लिए “उम्मीद की किरण” बताया।

























