रानीगंज में भाजपा नेताओं पर एससी-एसटी एक्ट में मामला दर्ज, विरोध करने पहुंचे जिला पदाधिकारी हिरासत में
रानीगंज । 14 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रानीगंज स्टेशन परिसर में हुई झड़प मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष शमशेर सिंह और भाजपा पंचायत प्रधान बादशाह चटर्जी सहित 9 लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और अन्य गैर जमानती धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इसके विरोध में मंगलवार को भाजपा नेताओं ने थाने का घेराव किया, जिसके बाद पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में ले लिया।
क्या था पूरा मामला
14 अगस्त की रात रानीगंज स्टेशन परिसर में भाजपा नेता और पंचायत प्रधान बादशाह चटर्जी के कार्यालय के सामने दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई थी। इस संघर्ष में 14 लोग घायल हो गए थे, जिनमें 6 की हालत गंभीर* थी। घायलों में विश्व हिंदू परिषद के सदस्य शुभम राउत भी शामिल थे।
सूचना मिलते ही एसीपी सेंट्रल विमान कुमार मिर्धा और रानीगंज थाना प्रभारी सुबीर कर्मकार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। घटना को लेकर विश्व हिंदू परिषद के सदस्य शुभम राउत ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
किनके खिलाफ हुई एफआईआर
पुलिस ने इस मामले में रानीगंज थाना में कुल 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। नामजद आरोपियों में शामिल हैं:
शमशेर सिंह, बादशाह चटर्जी, राजू गड़ाई, अजय सिंह राजपूत उर्फ बुम्बा, रितविक सिंह, बिट्टू दत्त, चंदन सिंह, रितेश ठाकुर और रंजीत सिंह।
14 अगस्त की रात ही रंजीत सिंह को महावीर कोलियरी से गिरफ्तार किया गया था।
भाजपा का विरोध, कई नेता हिरासत में
इस एफआईआर के खिलाफ आसनसोल जिला भाजपा कार्यकारिणी समिति के सदस्य आनंद साव ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि शमशेर सिंह और बादशाह चटर्जी पर मामला दर्ज कर पुलिस रानीगंज में भाजपा को कमजोर करना चाहती है।
मंगलवार को आनंद साव, तपन चक्रवर्ती, विश्वजीत गड़ाई सहित कई भाजपा कार्यकर्ता विरोध जताने रानीगंज थाना पहुंचे और प्रदर्शन किया। हंगामे के बाद थाना प्रभारी सुबीर कर्मकार के आदेश पर पुलिस ने आनंद साव और तपन चक्रवर्ती समेत अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। सूचना मिलते ही एसीपी विमान कुमार मिर्धा भी मौके पर पहुंचे।
पुलिस का बयान
रानीगंज थाना प्रभारी सुबीर कर्मकार ने कहा, “जो कार्रवाई की गई है वह कानून के अनुसार है। आगे भी सभी कदम कानून के तहत ही उठाए जाएंगे। इस तरह थाने में अशांति फैलाना उचित नहीं है।”
फिलहाल इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है।

























