“28 अगस्त को ही मनाएं रक्षाबंधन, भद्रा के कारण 27 को राखी बांधना अशुभ – पं. अरुण शास्त्री”
आसनसोल । रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि राखी 27 अगस्त को मनाई जाएगी या 28 अगस्त को। इस पर विराम लगाते हुए आसनसोल के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित अरुण शास्त्री जी ने स्पष्ट किया है कि इस बार रक्षाबंधन 28 अगस्त को ही मनाना शास्त्र सम्मत है।
पं. शास्त्री जी ने बताया कि पंचांग के अनुसार स्थिति इस प्रकार है –
“27 अगस्त 2026, गुरुवार को प्रातः 8 बजकर 32 मिनट से पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो रही है। प्रातः 8:32 से ही भद्रा भी प्रारंभ हो रहा है जो रात्रि 8:55 तक रहेगा। शास्त्रों में कहा गया है कि भद्रा काल में राखी बांधना, कोई भी शुभ कार्य करना अशुभ होता है, इसलिए 27 तारीख को रक्षाबंधन नहीं मनाया जा सकता।”
उन्होंने आगे कहा, “अतः 28 तारीख को ही रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाएगा। 28 अगस्त, शुक्रवार को पूर्णिमा तिथि प्रातः 9 बजकर 19 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार यही दिन रक्षाबंधन के लिए मान्य होगा।”
राहुकाल का भी रखें ध्यान
पं. अरुण शास्त्री जी ने राखी बांधने के मुहूर्त को लेकर भी विशेष जानकारी दी। उन्होंने बताया, “28 अगस्त को राहुकाल प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक रहेगा। अतः इस समय में भी राखी बांधने से बचना चाहिए।”
उनके अनुसार बहनों के लिए सबसे उत्तम समय सुबह 9:19 बजे से पहले का है। यदि इस समय संभव न हो तो राहुकाल समाप्त होने के बाद, दोपहर 12 बजे के बाद राखी बांधना शुभ फलदायी रहेगा।














