आसनसोल बी.बी. कॉलेज में शिक्षा जागरूकता सम्मेलन, प्रो. रफीद अली बोले- धन नहीं, शिक्षा है सबसे बड़ी ताकत
मो. वजीहुद्दीन जमाल
आसनसोल । मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (MANUU), रीजनल सेंटर कोलकाता के तत्वावधान में आसनसोल के बी.बी. कॉलेज में शनिवार को एक दिवसीय शैक्षिक जागरूकता सम्मेलन का आयोजन किया गया।
सम्मेलन का विषय “शिक्षा के माध्यम से सशक्त समाज: विकसित भारत 2047” था। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अमिताभ बसु ने की, जबकि मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता के तौर पर MANUU कोलकाता के रीजनल डायरेक्टर प्रो. डॉ. रफीद अली मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत हाफिज मुहम्मद सना की तिलावत-ए-कलाम पाक से हुई।
शिक्षा से ही बदलेगा समाज: प्रो. रफीद अली
अपने संबोधन में प्रो. डॉ. रफीद अली ने कहा, “दुनिया का सबसे शक्तिशाली साधन धन-दौलत नहीं, बल्कि शिक्षा है। शिक्षा ही इंसान को काबिल बनाती है कि वह आसमान की ऊंचाई छुए या समंदर की गहराई से हीरा निकाले।”
उन्होंने केरल के मलप्पुरम जिले का उदाहरण देते हुए बताया कि 25 साल पहले तक जो जिला शिक्षा में पिछड़ा था, वह आज सामूहिक प्रयासों से कामयाबी की मिसाल बन गया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के सपने को पूरा करने के लिए उर्दू भाषी और पिछड़े वर्गों को शिक्षा में आगे आना होगा।
उन्होंने दूरस्थ शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट पर जोर देते हुए कहा कि उर्दू स्कूलों और मदरसा-ए-इस्लामिया के छात्रों को MANUU से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
प्राचार्य ने किया प्रेरित
प्राचार्य प्रो. अमिताभ बसु ने अपने अध्यक्षीय भाषण में छात्रों को आधुनिक शिक्षा और कड़ी मेहनत के लिए प्रेरित किया।
इस मौके पर डॉ. बख्तियार अहमद, डॉ. इमरान अंसारी, डॉ. साबिरा खातून हिना, इंजीनियर खुर्शीद गनी, मुफ्ती जुबैर अहमद कासमी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। छात्र प्रतिनिधि के तौर पर राशिद आलम ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम का संचालन बी.बी. कॉलेज के उर्दू विभागाध्यक्ष और MANUU आसनसोल सेंटर के प्रभारी डॉ. मशकूर आलम मुईनी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. निहाल अहमद अंसारी ने किया।














