बंगाल में 72 करोड़ के साइबर महाघोटाले का भंडाफोड़ – बांकुड़ा पुलिस ने अंतरराज्यीय गैंग के 7 शातिरों को दबोचा, फर्जी दस्तावेजों का जखीरा बरामद
बांकुड़ा । पश्चिम बंगाल में साइबर अपराधियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में बांकुड़ा जिला पुलिस ने 72 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश किया है। बांकुड़ा साइबर क्राइम थाने की टीम ने इस अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है
सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस सुपर पी.वी.जी. सतीश ने इस पूरे ऑपरेशन की जानकारी दी।
कैसे पकड़ा गया गैंग?
एसपी ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि एक बड़ा गिरोह बांकुड़ा में सक्रिय है जो लोगों को ठग रहा है। सूचना के आधार पर साइबर क्राइम टीम ने विशेष अभियान चलाकर एक साथ कई ठिकानों पर छापा मारा और 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों के पास से क्या-क्या मिला?
पुलिस जब आरोपियों तक पहुंची तो उनके पास से फर्जीवाड़े का पूरा सामान मिला। ऐसा लग रहा था जैसे फर्जी दस्तावेज बनाने की फैक्ट्री चल रही हो।
बरामद सामान की लिस्ट:
– फर्जी पहचान पत्र: 6 आधार कार्ड, 2 पैन कार्ड, 4 ड्राइविंग लाइसेंस, 1 ई-श्रम कार्ड, वोटर कार्ड
– बैंकिंग दस्तावेज: 34 बैंक पासबुक, 13 एटीएम कार्ड, 9 चेकबुक
– इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: 8 मोबाइल फोन, 1 टैबलेट, 3 यूपीआई स्कैनर, 42 सिम कार्ड, 15 फ्लैश स्टैम्प और लेन-देन से जुड़े कई रजिस्टर।
कैसे करते थे 72 करोड़ की ठगी?
प्राथमिक जांच में पता चला है कि यह एक बहुत ही शातिर और सुनियोजित अंतरराज्यीय गैंग है। यह गैंग आम लोगों को झांसे में लेकर उनके बैंक खातों से पैसे उड़ाता था और फिर उन पैसों को अलग-अलग फर्जी खातों में घुमाता था।
अब पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि –
1. इस गैंग के तार और किन-किन राज्यों से जुड़े हैं?
2. इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं?
3. 72 करोड़ की रकम को किन-किन खातों में ट्रांसफर किया गया?
बांकुड़ा पुलिस ने कहा है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होंगे और कई गिरफ्तारियां हो सकती हैं।














