पांडवेश्वर में दिखा बंगाल की संस्कृति का रंग! ‘सुप्त प्रतिभा की तलाश’ में छिपे हुए सितारों ने बिखेरा जलवा
पांडवेश्वर। पांडवेश्वर की धरती पर मंगलवार को बंगाली भाषा और संस्कृति का शानदार संगम देखने को मिला। नई प्रतिभाओं को मंच देने और बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने के लिए ‘सुप्त प्रतिभा की तलाश’ नामक एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
आसनसोल भाजपा सांगठनिक जिला कल्चरल सेल की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का जमकर प्रदर्शन किया।
कैसे सजा सांस्कृतिक महफिल?
कार्यक्रम में गीत-संगीत, नृत्य और कविता पाठ की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां हुईं। उभरते हुए कलाकारों ने अपनी कला से दर्शकों का दिल जीत लिया। यह मंच उन छिपी हुई प्रतिभाओं के लिए एक बड़ा अवसर बन गया जो अब तक सामने नहीं आ पाई थीं।
बंगाली भाषा के सम्मान का संदेश
इस मंच से बंगाली भाषा की गरिमा और सरकारी कामकाज में बंगाली के अधिक उपयोग की पहल का भी स्वागत किया गया। इस पहल के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और पश्चिम बंगाल सरकार का आभार भी जताया गया।
आयोजन के अंत में विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को सम्मानित भी किया गया।
आयोजकों ने कहा, “बंगाल की भाषा और संस्कृति को जिंदा रखना है तो नई पीढ़ी को मंच देना ही होगा।” इसी संदेश के साथ यह कार्यक्रम पांडवेश्वर में सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बन गया।














