कोयला खदानों की सुरक्षा पर DGMS की सख्ती, हादसों की रोकथाम के लिए बढ़ाई निगरानी
आसनसोल, 15 सितंबर। कोयलांचल क्षेत्र में खदानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) ने निगरानी और सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर विशेष जोर दिया है। खदानों में होने वाली दुर्घटनाओं की समीक्षा के साथ-साथ सुरक्षित खनन, मशीनों के संचालन, परिवहन व्यवस्था और ब्लास्टिंग से जुड़े कार्यों में निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
DGMS की ओर से जारी सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों में खदानों में वाहनों एवं भारी मशीनों के सुरक्षित संचालन तथा भूमिगत खदानों में विस्फोटक और e-Exploder के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर सावधानियां बरतने की बात कही गई है। इसका मुख्य उद्देश्य खनन कार्य के दौरान कर्मचारियों और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा दुर्घटनाओं की संभावना को कम करना है।
DGMS की सुरक्षा चेतावनियों में रूफ फॉल, डंपर एवं टिपर दुर्घटना, एयर ब्लास्ट तथा खनन मशीनों से संबंधित हादसों को भी गंभीरता से दर्ज किया गया है। ईसीएल के कोयला क्षेत्रों में भी पूर्व में सामने आई घटनाओं के मद्देनजर सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आसनसोल-रानीगंज कोयलांचल में बड़ी संख्या में खदानें और खनन गतिविधियां संचालित होती हैं। ऐसे में खदानों में काम करने वाले कर्मियों की सुरक्षा, नियमित निरीक्षण, मशीनों की स्थिति और कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि खदानों में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए केवल नियम बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर उनका प्रभावी अनुपालन भी जरूरी है। DGMS की निगरानी और सुरक्षा दिशा-निर्देशों के प्रभावी पालन से कोयला क्षेत्र में सुरक्षित एवं जिम्मेदार खनन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।















