अन्नपूर्णा या विधवा पेंशन – बंगाल में अब एक ही योजना का मिलेगा लाभ, महिलाओं को 28 सितंबर तक देना होगा विकल्प
कोलकाता, शिल्पांचल टुडे
राज्य की हजारों महिलाओं के लिए एक बड़ा फैसला सामने आया है। अब एक साथ दो सरकारी पेंशन योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। महिला, बाल एवं समाज कल्याण विभाग ने साफ कर दिया है कि अन्नपूर्णा योजना (₹3,000 महीना) और विधवा पेंशन (₹1,500 महीना) में से किसी एक को ही चुनना होगा।
क्या है नया आदेश?
विभाग ने 14 सितंबर 2026 को एक नया ज्ञापन जारी किया है। इसके मुताबिक जो विधवा महिलाएं पहले से विधवा पेंशन ले रही हैं और साथ ही नई शुरू हुई अन्नपूर्णा योजना का लाभ भी ले रही हैं, उन्हें लिखित में बताना होगा कि वे कौन सी योजना जारी रखना चाहती हैं।
इस विकल्प को SAMARTH पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसके लिए आखिरी तारीख 28 सितंबर 2026 तय की गई है। सभी जिलाधिकारियों और कोलकाता नगर निगम को इसका पालन करने का निर्देश दिया गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार का कहना है कि एक ही लाभार्थी को दो सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का दोहरा लाभ नहीं दिया जा सकता। रिकॉर्ड को साफ-सुथरा करने और पारदर्शिता लाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
किस पर लागू होगा नियम?
यह नियम सभी महिलाओं पर लागू नहीं है। यह सिर्फ उन विधवा पेंशन लाभार्थियों के लिए है जो अन्नपूर्णा योजना की लिस्ट में भी शामिल हैं। आम लाभार्थियों को घबराने की जरूरत नहीं है।
हालांकि, जिन बुजुर्ग विधवा महिलाओं का घर इसी पेंशन के सहारे चलता है, उनके लिए यह फैसला आसान नहीं है। कागज पर यह सिर्फ एक फॉर्म है, लेकिन उनके लिए यह सवाल है कि महीने का खर्च कैसे चलेगा।
अधिकतर महिलाओं के ₹3,000 वाली अन्नपूर्णा योजना को चुनने की उम्मीद है, क्योंकि उसमें राशि दोगुनी है।














