Shilpanchal Today

Latest News in Hindi

सप्तमी तिथि दो दिन है तो व्रत कब रखें? दुर्गा पूजा में उदया तिथि का महत्व जानें, पंडित हेमंत मिश्रा ने बताया शास्त्रीय नियम

शिल्पांचल टुडे , आसनसोल।

अक्सर दुर्गा पूजा और शारदीय नवरात्रि के दौरान भक्तों में तिथियों के क्षय और विस्तार को लेकर असमंजस बन जाता है। इस बार भी सप्तमी तिथि का विस्तार दो दिनों में हो रहा है। ऐसे में शास्त्रों के अनुसार क्या करें? इस पर ज्योतिषाचार्य पंडित हेमंत मिश्रा (MAJY) ने स्पष्ट शास्त्रीय नियम बताए हैं।

 

1. सबसे बड़ा नियम – उदया तिथि का सिद्धांत

पंडित मिश्रा ने बताया कि सनातन परंपरा में किसी भी व्रत या मुख्य पर्व के निर्धारण के लिए सूर्योदय कालीन तिथि (उदया तिथि) को ही सर्वमान्य माना गया है।

– यदि सप्तमी तिथि सूर्योदय के समय विद्यमान है, तो मुख्य महासप्तमी का अनुष्ठान (नवपत्रिका प्रवेश, कोला बोउ स्नान, प्राण प्रतिष्ठा) उसी दिन करना शास्त्रसम्मत है।
– यदि तिथि दो दिनों तक सूर्योदय को छू रही हो, तो क्षेत्रीय पंचांग जैसे बंगाल की प्रसिद्ध ‘गुप्ता प्रेस पंजीका’ या ‘बेणीमाधब शील पंजीका’ के निर्णय को प्राथमिकता देनी चाहिए।

2. महासप्तमी पर कैसे करें पूजा?

पंडित जी के अनुसार, यदि सप्तमी का विस्तार दो दिनों जैसा लगे तो अनुष्ठान इस प्रकार करें:

– नवपत्रिका प्रवेश / कोला बोउ स्नान: सप्तमी के दिन सूर्योदय के समय नवपत्रिका (केला सहित 9 पवित्र पौधों) को नदी में वेद मंत्रों के साथ स्नान कराना चाहिए। यह अनुष्ठान मुख्य महासप्तमी वाले दिन ही करें।
– प्राण प्रतिष्ठा और चक्षुदान: इसी दिन माँ दुर्गा की मूर्ति में प्राण प्रतिष्ठा होती है, माँ के नेत्र खोले जाते हैं और भक्तों के लिए पट खोल दिए जाते हैं।
– पुष्पांजलि और उपवास: सप्तमी को माँ को लाल गुड़हल, बेलपत्र अर्पित कर अंजलि दें। श्रद्धालु इस दिन व्रत या फलाहार रख सकते हैं

3. दुविधा हो तो क्या करें?

पंडित हेमंत मिश्रा ने कहा, “यदि तिथि को लेकर मन में दुविधा है तो दो बातों का ध्यान रखें” –
क) अपनी कुल परंपरा और पारिवारिक रीति का पालन करें। आपके परिवार में जो पंचांग पीढ़ियों से माना जाता रहा है, उसी को मानें।
ख) अपने स्थानीय मंदिर के विद्वान पुरोहित से मुहूर्त पूछ लें, क्योंकि वे स्थानीय सूर्योदय की सटीक गणना बेहतर जानते हैं।

संक्षेप में, मुख्य अनुष्ठान के लिए वही दिन चुनें जिस दिन सूर्योदय के समय सप्तमी की पूर्ण उपस्थिति हो।

– पंडित हेमंत मिश्रा, ज्योतिषाचार्य (MAJY)
संपर्क: 9332449502
जय बजरंगबली

 

 

  

        

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *