कल्ला प्रभु छठ घाट पर महापर्व की भव्य तैयारी! इस बार 49वां छठ पूजा मनाएगा ली क्लब, युद्ध स्तर पर हो रही नदी की सफाई, श्रद्धालुओं के लिए बन रहा सुविधाजनक घाट
शिल्पांचल टुडे, आसनसोल।
जैसे ही सूर्य की पहली किरण कल्ला की नदी पर पड़ेगी, हजारों व्रती हाथ में सूप-डाला लिए छठी मैया को अर्घ्य देंगे। उस अलौकिक पल के लिए *कल्ला प्रभु छठ घाट* अभी से सज-धज रहा है। घाट के दोनों तरफ नदी की सफाई हो रही है, मिट्टी हटाई जा रही है, घाट को नया रूप दिया जा रहा है। इस बार ली क्लब के लिए यह पूजा और भी खास है, क्योंकि *ली क्लब इस बार अपना 49वां छठ महापर्व* मना रहा है। करीब आधी सदी की आस्था, सेवा और परंपरा का यह सफर इस बार और भी भव्य होने जा रहा है। 
सुबह-सुबह घाट पर पहुंचे सचिव कृष्णा प्रसाद, एक-एक काम का लिया जायजा
शनिवार की सुबह ली क्लब के सचिव कृष्णा प्रसाद खुद घाट पर पहुंचे और चल रहे साफ-सफाई व निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने मजदूरों और सदस्यों से बात की, पानी के बहाव, बैठने की जगह और रास्ते को देखा और जहां कमी दिखी, वहीं तुरंत ठीक करने का निर्देश दिया।
“छठ सिर्फ एक पूजा नहीं है, यह हमारी आस्था, हमारी संस्कृति और हमारी पहचान है। यह पूरे विश्व का सबसे बड़ा आस्था का महापर्व है, जहां डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देकर लोग अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।”
“कल्ला प्रभु घाट पर पिछले 49 सालों से ली क्लब इस महापर्व को पूरे श्रद्धा और सेवा भाव से मनाता आ रहा है। इस बार भी हमारा एक ही संकल्प है – किसी भी व्रती और श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो।”
“राज्य के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी जी ने भी सभी छठ घाटों की तैयारी के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिया है। हम प्रशासन के साथ मिलकर समय रहते युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं। घाट की सफाई, रोशनी, बैरिकेडिंग, बैठने की व्यवस्था और सुरक्षा – हर चीज पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।”
“ली क्लब का हर सदस्य दिन-रात लगा हुआ है। हमारा मानना है कि छठी मैया की सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है। व्रती यहां आएं, शांति से पूजा करें और सुखद अनुभव लेकर जाएं – यही हमारी सबसे बड़ी सफलता होगी।”
कल्ला प्रभु घाट पर तैयारी देखकर श्रद्धालुओं में भी उत्साह है। लोगों का कहना है कि हर साल की तरह इस साल भी ली क्लब का इंतजाम सबसे बेहतर होगा।













