जामुरिया। चुरुलिया के नजरूल अकादमी का म्यूजियम से कवि की सभी चीजों को काजी नजरूल विश्वविद्यालय ले जाने के विरोध में संवाददाता सम्मेलन किया गया। कवि काजीरारुल इस्लाम के भतीजे काजी अली रजा ने बताया कि काजी नजरूल विश्वविद्यालय द्वारा मनमानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि काजी नजरुल विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर डॉ साधन चक्रवर्ती के साथ उनके अकादमी की यह बात हुई थी कि काजी नज़रुल इस्लाम से संबंधित जितने भी महत्वपूर्ण सामग्रियां होगी उन सबको काजी नजरूल अकादमी में रखा जाएगा। लेकिन काजी नजरूल विश्वविद्यालय द्वारा यहां की सामग्रियों को ले जाया जा रहा है। यहां तक कहा गया है कि अगली बार जब वह आएंगे तो पुलिस को लेकर आएंगे। जबकि इससे पहले सांसद शत्रुघ्न सिन्हा जब आए थे उन्होंने 10 लख रुपए का अनुदान दिया था और नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती ने भी 500000 रुपया का अनुदान दिया था। काजी अली रजा ने सवाल किया कि आखिर वह पैसा जा कहां रहा है। क्योंकि अकादमी का कोई रखरखाव नहीं किया जा रहा है उन्होंने साफ कहा कि इस अकादमी के साथ कभी-काजी नज़रुल इस्लाम की यादें जुड़ी हुई हैं और जिस तरह से काजी नजरूल विश्वविद्यालय अपनी मनमानी कर रहा है। उसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।