पीएम मोदी ने दुर्गापुर को दिया विकास का तोहफा: 5400 करोड़ रुपये की परियोजनाएँ
दुर्गापुर(जितेंद्र कुमार चौधरी)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दुर्गापुर में 5400 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत के विकास में दुर्गापुर की अहम भूमिका है. 5400 करोड़ रुपये की परियोजना कनेक्टिविटी को बढ़ाएगी और इससे स्टील सिटी की पहचान और भी मजबूत होगी। परियोजनाएं मेक इन इंडिया के मिशन के साथ पश्चिम बंगाल को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। इससे पहले पीएम मोदी ने बंद गाड़ी में एक रोड शो किया। रोड शो के दौरान सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों ने पीएम मोदी का स्वागत किया तो वहीं पीएम मोदी ने भी सभी का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जोर देकर कहा कि भारतीय जनता पार्टी ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो बंगाली ‘अस्मिता’ का सच्चा सम्मान और रक्षा करती है। उन्होंने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर घुसपैठ को बढ़ावा देने, हिंसा भड़काने और बंगाल के युवाओं को उनके गृह राज्य से बाहर निकालने का आरोप लगाया। दुर्गापुर में एक जनसभा में पीएम मोदी ने कहा, “बीजेपी के लिए बंगाली ‘अस्मिता’ सुप्रीम है। जहां भी बीजेपी की सरकार है, वहां बंगालियों का सम्मान किया जाता है।” उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के इस हालिया आरोप को भी खारिज करने की कोशिश की कि बीजेपी शासित राज्य बंगाली भाषी प्रवासी मजदूरों को निशाना बना रहे हैं।
‘बांग्ला को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया’
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार ने बांग्ला को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया है – एक ऐसी मान्यता जिसे कांग्रेस, वामपंथी और तृणमूल कांग्रेस जैसी पार्टियों ने वर्षों तक दिल्ली में साथ मिलकर सरकार चलाने के बावजूद अनदेखा किया।
‘घुसपैठियों की मदद कर रही टीएमसी’
अवैध आव्रजन पर स्पष्ट संदेश देते हुए उन्होंने कहा, “तृणमूल कांग्रेस घुसपैठियों की सक्रिय रूप से मदद कर रही है। मैं यह स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि जो लोग भारत के नागरिक नहीं हैं और अवैध रूप से भारत में घुस आए हैं – उनके लिए संविधान के अनुसार कानून अपना काम करेगा।”
ममता बनर्जी की बंगाली भाषियों के उत्पीड़न पर चिंता
मोदी की यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल में भावनात्मक रूप से उत्तेजित राजनीतिक माहौल के बीच आई है, जहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने असम, गुजरात, दिल्ली, ओडिशा और महाराष्ट्र सहित कई भाजपा शासित राज्यों में बंगाली भाषी प्रवासियों के कथित उत्पीड़न पर चिंता जताई है।

ममता बनर्जी का सीधे नाम लिए बिना मोदी ने उनकी पार्टी पर बंगाल के विकास और सुरक्षा की कीमत पर वोट बैंक की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “बीजेपी बंगाली अस्मिता के खिलाफ किसी भी साजिश को कामयाब नहीं होने देगी।”
‘पलायन का प्रतीक’
भारत के बौद्धिक और सांस्कृतिक जागरण में बंगाल के योगदान को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “बीजेपी एक अखिल भारतीय पार्टी है, जिसके बीज बंगाल में बोए गए थे।” उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि कैसे यह राज्य, जो कभी विकास का गढ़ था, अब पलायन का प्रतीक बन गया है और युवा बड़ी संख्या में नौकरी की तलाश में दूसरे राज्यों में जा रहे हैं।
मोदी ने दावा किया, “यहां के युवाओं को अब दूसरे राज्यों में नौकरी की तलाश में बंगाल छोड़ना पड़ रहा है। यहां की स्थिति निवेश और रोजगार के लिए लगातार प्रतिकूल होती जा रही है।”


















