विवेकानंद की मूर्ति हटाने के बाद नगर पालिका ने बिरयानी की दुकान पर चलाया बुलडोज़र
यह घटना कहाँ हुई? जानें पूरी जानकारी
बर्दवान । एक तीन मंजिला ‘इमारत’, पूरी इमारत नहीं तो आधी बिरयानी की दुकान थी और इसे स्वामी विवेकानंद की 30 साल पुरानी मूर्ति को हटाकर बनाया गया था। स्थानीय लोगों ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन यह धुल नहीं पाई। आखिरकार, बर्दवान नगर पालिका ने अवैध रूप से बनी ‘बिरयानी की दुकान’ पर बुलडोज़र चला दिया। यह घटना मंगलवार को बर्दवान शहर के परबिरहटा में हुई।
स्वामी विवेकानंद की मूर्ति हटाई, बिरयानी की दुकान?
स्थानीय लोगों का कहना है कि बर्दवान में तेलीपुकुर रोड के किनारे नेताजी संघ का एक मंजिला क्लब हाउस था। उसके सामने स्वामी विवेकानंद की पूरी मूर्ति थी। लेकिन अचानक मूर्ति को हटाकर उसकी जगह तीन मंजिला इमारत बना दी गई। एक समय ऊपरी मंजिल पर क्लब चल रहा था। निचली दो मंजिलों पर बिरयानी की दुकान खोली गई थी।
नगरपालिका का दावा है कि इमारत के निर्माण के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी। नतीजतन, उनकी ओर से काम रोकने का आदेश देते हुए एक नोटिस भी जारी किया गया था।
लेकिन नगरपालिका के नोटिस के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा। बर्दवान नगरपालिका के विधि अधिकारी तन्मय ता ने कहा, “इस क्लब ने एक निजी संस्था के साथ मिलकर अवैध रूप से इमारत का निर्माण किया था। उनके पास कोई वैध दस्तावेज़ नहीं हैं। उन्होंने उच्च न्यायालय में इस इमारत को गिराए जाने के खिलाफ स्थगन आदेश भी प्राप्त करने का प्रयास किया, लेकिन वे ऐसा नहीं कर सके। इसके बाद, नगरपालिका बोर्ड ने सर्वसम्मति से इसे गिराने का निर्णय लिया।” बर्दवान नगरपालिका के चेयरमैन परेश चंद्र सरकार ने कहा, “क्लब सरकारी ज़मीन पर बना था। हमने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए इसे रोकने के लिए सभी कदम उठाए।” उन्होंने आगे कहा, “उस जगह पर स्वामी विवेकानंद की एक मूर्ति थी। उसे वहाँ से हटाकर बिरयानी का दुकान खोला गया। जो बर्दवान के लोगों के लिए बहुत दुखद था। इसलिए, नगरपालिका को इमारत को गिराने का निर्णय लेने के लिए मजबूर होना पड़ा।”

































