व्याहुत कलवार महासंघ आसनसोल का सम्मलेन, बलभद्र पूजन महोत्सव संपन्न
आसनसोल । आसनसोल व्याहुत कलवार महासंघ का 19 वां बलभद्र पूजन वार्षिक महोत्सव एवं कलवार स्वजाति सम्मलेन आसनसोल में बड़े धूमधाम से मनाया गया। शहर के एनएस रोड स्थित सिंघानियाँ भवन में आयोजित बलभद्र पूजन महोत्सव एवं कलवार स्वजाति सम्मलेन में सैकड़ो की संख्या में समाज के पुरुष, महिलाये बच्चे बुजुर्ग आदि शामिल हुए। मौके पर सुबह से लोगो का आना शुरू हो गया। आसनसोल के अलावा काली पहाड़ी, रानीगंज, अंडाल, दुर्गापुर, पानागढ़, बर्नपुर, कुल्टी, बराकर के स्वजाति बन्धु समाज के लोग पदाधिकारी, कार्यकर्ता सामाज के सद्स्यगन आदि पहुंचे थे। सिंघानिया भवन लोगो से भरे थे।
इस दिन सुबह में भगवान् बलभद्र की पूजन, आरती वंदना स्तुति अर्चना आदि धार्मिक कार्यक्रम हुए। सभी कार्यक्रम बहुत ही धार्मिक वातावरण में बड़े धूमधाम से हुई। इसके अलावा पूजा स्थल पर पंडित आचार्य के द्वारा लोगो को हवन पाठ आरती का कार्यक्रम कराया गया। जिसमे भारी संख्या में भक्तगण शामिल हुए। इस मौके पर समाज के दिवंगत पदाधिकारियों को याद किया गया। संगठन तथा सामाज के पूर्व चेयरमैन स्व. बिन्देश्वरी प्रसाद भगत तथा समाज के अन्य दिवंगत पदाधिकारियों की स्मृति तथा सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर श्रधांजलि दी गयी। महोत्सव में मुख्य आतिथि आसनसोल नगर निगम के चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी थे, जिन्होंने सम्मलेन तथा पूजन में भाग लिया। इस मौके पर व्याहुत कलवार महासंघ का 19वां बलभद्र पूजन वार्षिक महोत्सव एवं कलवार स्वजाति सम्मलेन का सोविनिअर का विमोचन कलवार महासभा के राष्टीय पूर्व अध्यक्ष विश्वनाथ भगत के आलावे इस सम्मलेन तथा महोत्सव में शामिल पदाधिकरियो के द्वारा किया गया, जिनमे अध्यक्ष मुरली प्रसाद भगत, महासचिव तरुण कुमार भगत, कोषाध्यक्ष अमित कुमार भगत, एन के भगत, पूर्व पार्षद शिव प्रसाद बर्मन आदि शामिल थे। सोविनियर का संकलन और संपादन नन्द कुमार भगत ने किया था। जिसमे लिखा गया है मनुष्य सामाजिक नहीं हो तो जीवन व्यर्थ है, परोपकारी नहीं हो तो जीवन व्यर्थ है गुण नहीं हो तो रूप व्यर्थ है, सदुपयोग नहीं तो धन व्यर्थ है जिसमे कलवार का अर्थ भी समझाया गया है। क का अर्थ कर्तव्यनिष्ठा,ल का अर्थ लोकप्रिय, वा का अर्थ व्यवाहरिक, र का अर्थ राष्ट्रवादी बताया गया। महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक अनुष्ठान का भी आयोजन किया गया। जिसमे बच्चे से लेकर बड़े बुजुर्ग महिलाये पुरुष आदि भाग लिए। मौके पर महाभोग का वितरण किया गया शाम में संध्या आरती संघ जागरण आदि कार्यक्रम हुए।


















