मुखर्जी परिवार का शारदीय दुर्गा पूजा का पूजा करके हुआ शुभ उदघाटन
आसनसोल । आसनसोल के श्री पल्ली श्री संघ क्लब के सामने मुखर्जी परिवार इस वर्ष दुर्गापूजा बड़े हर्षोल्लास के साथ मना रहा है। इस वर्ष पूजा की थीम पहलगाम में हुई हिंसक घटना पर बनाया गया है। शनिवार के पंचमी के शुभ अवसर पर शारदीय दुर्गा मां की पूजा और नव निर्मित दक्षिण भारतीय मंदिर स्थापत्य की पूजा की गई।
इस संदर्भ में मुखर्जी परिवार के मुखिया मृत्युंजय मुखर्जी ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी उनका परिवार मां शारदीय की पूजा का संकल्प लिया है। इस वर्ष को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा। मृत्युंजन मुखर्जी ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी मुखर्जी परिवार, शारदीय मां के आह्वान से जागृत होकर गणेश पूजा, विश्वकर्मा पूजा और सभी देवी-देवताओं की पूजा करते हैं। शारदीय मां स्वयं मां दुर्गा के आशीर्वाद से जीवित रहती हैं, इसलिए वे लोग मां दुर्गा की पूजा को हर तरह से सुंदर बनाने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने शिल्पांचल के समस्त वासियों को पूरे परिवार के साथ सादर आमंत्रित करते हैं कि सभी उपस्थित होकर शारदीय मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करें, ऐसी हमारी प्रार्थना है। इस बीच, मुखर्जी परिवार ने भगवान जगन्नाथ समेत सभी देवी-देवताओं की मूर्तियों के लिए दक्षिण भारतीय मंदिर स्थापत्य शैली में मंदिर बनवाए हैं। भगवान जगन्नाथ की मूर्ति नीम की लकड़ी से बनाई गई है और पुरीधाम से लाई गई है। इसलिए मंदिर के शुभ उद्घाटन सहित मां शारदीय पूजा का कार्यक्रम किया गया। दक्षिण भारतीय मंदिरों की वास्तुकला में शुभ उदघाटन किया गया। वहीं संध्या समय भक्ति गीत व भजन तथा प्रसाद वितरण किया गया। उन्होंने कहा कि महाषष्ठी 28/09/25 पंचांग के अनुसार पूजा की जाएगी।
महा सप्तमी 29/09/25 को पंचांग के अनुसार पूजा की जाएगी। वहीं आरती और मोमबत्ती प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रथम पुरस्कार 1200 रुपया, द्वितीय पुरस्कार 1000 रुपया, तृतीय पुरस्कार 800 रुपया।
महा अष्टमी 30/09/25 को पंचांग के अनुसार पूजा की जाएगी। वहीं शंख बजाने एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता की जाएगी। विजयी प्रतिभागियों के लिए प्रथम पुरस्कार 1200 रुपया, द्वितीय पुरस्कार 1000 रुपया, तृतीय पुरस्कार 800 रुपया दिया जाएगा।
महानवमी 01/10/25 को पंचांग के अनुसार पूजा। वहीं शीतल पेय प्रतियोगिता, सलेम मेम साहिब प्रतियोगिता और फुचका खाने की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
महादशमी 02/10/25 को पंचांग के अनुसार पूजा-अर्चना की जाएगी। वही संध्या में कवि सम्मेलन की जाएगी।
एकादशी 3/10/2025 को संगीत प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रथम पुरस्कार 2000 रुपया, द्वितीय पुरस्कार 1500 रुपया, तृतीय पुरस्कार 1000 रुपया दिया जाएगा।
द्वादशी 04/10/25 को नृत्य प्रतियोगिता की जाएगी जिसमें प्रथम पुरस्कार 2000 रुपया, द्वितीय पुरस्कार 1500 रुपया, तृतीय पुरस्कार 1000 रुपया। उस दिन सभी प्रतियोगिताओं के लिए पुरस्कार वितरण समारोह।
तेरहवां 05/10/25 को शारदीय मां दुर्गा निरंजन एवं विजया सम्मलानी की जाएगी।
06/10/25 को लक्ष्मी पूजा की व्यवस्था और प्रसाद वितरण किया जाएगा। मृत्युंजय मुखर्जी ने कहा कि कार्यक्रम का नाम सीधे मंदिर परिसर में लिया जा रहा है। सभी कार्यक्रम मंदिर परिसर में ही आयोजित किया जाएगा।
