धन त्रयोदशी धनतेरस का प्रसिद्ध पर्व प्रदोष काल में त्रयोदशी मिलने के कारण 18 अक्टूबर को
आसनसोल । धन त्रयोदशी धनतेरस का प्रसिद्ध पर्व प्रदोष काल में त्रयोदशी मिलने के कारण 18 अक्टूबर शनिवार को किया जाएगा और धनवंतरी जयंती भी मनाई जाएगी। उक्त बातें गुरूजी हेमंत मिश्रा ने कही। उन्होंने कहा कि धन ऐश्वर्य में वृद्धि की कामना से विधिवत महालक्ष्मी का पूजन की जाएगी। इसके लिए सर्वोत्तम प्रदोष काल में स्थिर वृष लग्न संध्या 7:00 से 8:55 बजे के मध्य प्राप्त हो रही है। मास शिवरात्रि व्रत सहित नरक चतुर्दशी एवं हनुमान जयंती 19 अक्टूबर रविवार को मनाई जाएगी। संध्या मेष लग्न में श्री हनुमान जी का जन्म उत्सव मनाया जाएगा। दूसरे दिन सूर्योदय से पूर्व ही हनुमान जी का दर्शन एवं पूजन कर लेना चाहिए। प्रदोष एवं रात्रि व्यापिनी अमावस्या तिथि में 20 अक्टूबर, सोमवार को सनातन धर्म का विश्व प्रसिद्ध पर्व दीपावली हर्षोल्लाह के साथ मनाया जाएगा। दीपावली पूजन के लिए तीन मुहूर्त निर्धारित किए जा रहे हैं –
1. दिन में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए स्थिर कुंभ लग्न 2:15 से 3:43 बजे तक।
2. सर्वोत्तम प्रदोष काल में स्थिर वृष लग्न संध्या 6: 52 से 8:48 एवं
3. महानिशा में तांत्रिक पूजा मंत्र सिद्धि के लिए स्थिर सिंह लग्न 1:18 से 3:32 बजे तक । शेष रात्रि भोर में सूप बाजार का दरिद्र का निस्सारण एवं लक्ष्मी का पदार्पण कराया जाएगा।
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आलेख
गुरूजी हेमंत मिश्रा
मास्टर ऑफ एस्ट्रोलॉजी
वास्तु,कर्मकांड एवं कुंडली परामर्श
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