जल आपूर्ति से जुड़े ठेकेदारों के संगठन की तरफ से मैकेनिकल डिवीजन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को सौंपा गया ज्ञापन
आसनसोल । सेनरेले रोड पर स्थित जल आपूर्ति विभाग के आसनसोल मैकेनिकल डिवीजन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को जल आपूर्ति से जुड़े ठेकेदारों के संगठन की तरफ से ज्ञापन दिया गया। इस बारे में पत्रकारों को जानकारी देते हुए संगठन से जुड़े प्रेमनाथ मित्रा ने कहा कि जो ठेकेदार पिछले लगभग कई वर्षों से जल आपूर्ति के साथ जुड़े हैं।
उनका बीते 14 महीने से पैसा बकाया हो गया है। इस वजह से ठेकेदार अपने अधीन काम कर रहे कर्मचारियों को भी अब वेतन नहीं दे पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2022, 2024 के चुनावों में ठेकेदारों ने जल की आपूर्ति की थी लेकिन अभी तक उनको उनका पैसा नहीं मिला है। जल जीवन मिशन परियोजना का पैसा भी बाकी है। यहां तक की रखरखाव का जो पैसा दिया जाता है। वह भी बाकी है। नौबत यहां तक आ गई है कि कुछ ठेकेदारों ने अपने घर के गहने गिरवी रखकर पानी की आपूर्ति की थी। कुछ ठेकेदारों ने बैंक से लोन लिया था। लेकिन अब उनके लिए यह संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि सिर्फ आसनसोल में ही ऐसे तकरीबन 50 ठेकेदार हैं जिनका पैसा बाकी है और यह रकम सिर्फ आसनसोल में 35 करोड रुपए मैकेनिकल विभाग में बकाया है।
सिविल विभाग में और ज्यादा बकाया है। प्रेमनाथ मित्रा ने बताया कि इस बारे में कोलकाता में भी संबंधित अधिकारियों को इस बारे में बताया गया है। लेकिन अभी तक इसका कोई समाधान नहीं निकला है। उनका कहना था कि 1 नवंबर से वह अपने अधीन काम करने वाले कर्मचारियों का वेतन बंद करने पर मजबूर होंगे। क्योंकि अब ठेकेदारों के पास वेतन देने के लिए कोई पैसा नहीं है। इस संदर्भ में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर संजीव कुमार मंडल ने बताया कि आज ठेकेदार उनसे मिलने आए थे। उनका पैसा बाकी है। उन्होंने स्वीकार किया कि पैसा बाकी होने से ठेकेदारों और उनके अधीन काम करने वाले लोगों को परेशानी जरूर हो रही है। लेकिन वह यह नहीं बता पाए कि क्यों पैसा बाकी है। उन्होंने कहा कि आज ज्ञापन के बारे में वह अपने उच्च अधिकारियों को जानकारी दे देंगे। उन्होंने स्वीकार किया कि जल जीवन मिशन परियोजना का बहुत सा पैसा बाकी है और रखरखाव के लिए भी जो पैसा दिया जाता है। वह भी बाकी है। उन्होंने स्वीकार किया कि अगर ठेकेदार अपने अधीन काम करने वाले कर्मचारियों का पैसा रोक देंगे तो इस इलाके में पानी की आपूर्ति में काफी कठिनाई आएगी।
















