जानलेवा बना दामोदर: मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने उठाए सख्त कदम, लापरवाही पर पुलिसकर्मियों के निलंबन की चेतावनी’
आसनसोल। आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में दामोदर नदी में लगातार हो रहे डूबने के हादसों को लेकर मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने सख्त रुख अपनाया है। बीते दिन कोलकाता रवाना होने से पहले उन्होंने कई कड़े सुरक्षा उपायों की घोषणा की।
सुरक्षित घाट चिह्नित करने के आदेश:
मंत्री ने पुलिस को निर्देश दिया कि नदी के सभी सुरक्षित स्नान घाटों की पहचान कर उन्हें चिह्नित किया जाए और खतरनाक हिस्सों को लोहे की रेलिंग से घेरा जाए। नदी के संवेदनशील हिस्सों में लगातार पुलिस गश्त के आदेश भी दिए गए हैं।
“मुआवजा जान वापस नहीं ला सकता”:
बीते शनिवार रात बर्नपुर रिवरसाइड स्कूल के पास कालबैसाखी तूफान में बिजली गिरने से 16 साल के शेख फिरोज की मौत हो गई थी। अग्निमित्रा पॉल उसी रात अस्पताल पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। इससे पहले उन्होंने बर्नपुर श्याम बांध इलाके में उस परिवार से भी मुलाकात की थी जिसके बेटे-बेटी की दामोदर में नहाते समय डूबने से मौत हो गई थी।
अस्पताल में उन्होंने कहा कि स्थानीय क्लब सुनिश्चित करे कि आंधी-तूफान और बिजली गिरने के खतरे के दौरान बच्चे खुले मैदानों में न खेलें। “मुआवजा आर्थिक मदद दे सकता है, लेकिन गई हुई जिंदगी वापस नहीं आ सकती,” उन्होंने कहा।
अवैध बालू खनन को बताया वजह:
अग्निमित्रा पॉल ने दामोदर में बार-बार हो रही डूबने की घटनाओं को बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन से जोड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली ममता बनर्जी सरकार के दौरान दामोदर और अजय नदियों में भारी मशीनों से बालू निकाला गया। इससे नदी की तलहटी 10 फीट से 50 फीट तक गहरी हो गई है और नदी खतरनाक बन गई है।
लापरवाही पर निलंबन की चेतावनी:
मंत्री ने कड़ी चेतावनी दी कि अगर जिले में कहीं भी लापरवाही से डूबने से मौत होती है तो उस क्षेत्र के जिम्मेदार पुलिसकर्मी या अधिकारी को निलंबित किया जा सकता है। उन्होंने श्रम मंत्री मलय घटक के बड़े भाई अशिम घटक का जिक्र किया जिनकी कुछ साल पहले महालया पर तर्पण के दौरान बर्नपुर में दामोदर में डूबने से मौत हो गई थी।
बर्नपुर से तिराट और नारायणकुरी तक फैले दामोदर के तटवर्ती इलाकों में हाल के दिनों में कई डूबने की घटनाएं सामने आई हैं।














