तृणमूल कांग्रेस में अनुशासन की गूंज: ममता बनर्जी ने अपने ही नेता को दी चेतावनी
रानीगंज । रानीगंज विधानसभा क्षेत्र के खांद्रा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी ही पार्टी के जामुरिया के उम्मीदवार हरे राम सिंह को उनके पुत्र के व्यवहार को लेकर सख्त रुख अपनाया। ममता बनर्जी ने खुले मंच से हरे राम सिंह को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपने पुत्र को लाल बत्ती लगी गाड़ी में घूमने से रोकें, क्योंकि इस तरह की हरकतें बिल्कुल स्वीकार्य नहीं हैं और इससे गलत संदेश जाता है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि तृणमूल कांग्रेस में अनुशासन और पारदर्शिता का पालन करना अनिवार्य है, और किसी भी स्तर के नेता को विशेष सुविधा का दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं है। ममता बनर्जी के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है, और माना जा रहा है कि चुनाव के दौरान पार्टी अपनी छवि को लेकर काफी सतर्क है और किसी भी तरह की विवादित गतिविधि से दूरी बनाना चाहती है।
इस घटनाक्रम से यह साफ संकेत मिलता है कि तृणमूल नेतृत्व इस बार अनुशासन और पारदर्शिता को लेकर बेहद गंभीर है, और जरूरत पड़ने पर अपने ही नेताओं को सार्वजनिक तौर पर नसीहत देने से भी पीछे नहीं हट रहा है।
ममता बनर्जी के इस सख्त रुख से यह भी स्पष्ट होता है कि पार्टी में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और सभी नेताओं को पार्टी के नियमों का पालन करना होगा। वहीं जनसभा के दौरान मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज में हुई हिंसक झड़पों को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने इस हिंसा के लिए सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि प्रशासनिक फेरबदल की आड़ में जानबूझकर अशांति फैलाई गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखे लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि इस साजिश में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून अपना काम करेगा। सभा में आसनसोल उत्तर विधानसभा के उम्मीदवार मलय घटक, पाण्डेश्वर के नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती, रानीगंज के कालोबरन मंडल, जामुरिया के हरे राम सिंह, कुल्टी के अभिजीत घटक के अलावा पश्चिम बर्दवान जिला परिषद अध्यक्ष विश्वनाथ बाउरी, उपाध्यक्ष विष्णुदेव नोनिया, कुल्टी के पूर्व विधायक उज्ज्वल चटर्जी सहित अन्य नेता उपस्थित थे।












