ईद-उल-अजहा पर कुर्बानी को लेकर CPI(M) ने आसनसोल उत्तर थाने में दिया ज्ञापन, कानून के तहत अनुमति की मांग
आसनसोल । कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी), आसनसोल 3 नंबर एरिया कमेटी ने ईद-उल-अजहा के मौके पर कुर्बानी को लेकर आसनसोल उत्तर थाने के प्रभारी को ज्ञापन सौंपा है। पार्टी ने पश्चिम बंगाल प्राणी जबह नियंत्रण कानून, 1950 की धारा 12 के तहत मुस्लिम समुदाय को धार्मिक रीति से कुर्बानी की अनुमति देने की मांग की है।
ज्ञापन में क्या कहा गया
CPI(M) ने अपने पत्र में लिखा कि कुर्बानी ईद-उल-अजहा का एक महत्वपूर्ण और अनिवार्य धार्मिक अनुष्ठान है। पत्र में कहा गया कि पिछले कुछ सालों से गाय तुलनात्मक रूप से कम दाम पर मिलने के कारण कई घरों में लोग अपने धार्मिक विश्वास के अनुसार कुर्बानी के लिए गाय का उपयोग करते आ रहे हैं।
उत्सव से ठीक पहले इस तरह की सार्वजनिक चर्चा से आम लोगों में चिंता और तनाव पैदा होता है। कई लोग इसे धर्मीय अनुष्ठान पर रोक के रूप में देखते हैं।
कानून का दिया हवाला
पार्टी ने पश्चिम बंगाल प्राणी जबह नियंत्रण कानून, 1950 की धारा 12 का हवाला देते हुए कहा कि इस कानून के तहत राज्य सरकार धार्मिक कार्यों के लिए विशेष छूट देने की शक्ति रखती है। पत्र में लिखा गया कि कुर्बानी का उद्देश्य उत्सव मनाना नहीं, बल्कि धार्मिक परंपरा का पालन करना है।
मौके पर डॉ अरुण पांडे, जयदीप मुखर्जी, राजू बॉस, संग्राम चटर्जी, मो. सलाउद्दीन, मो. राही, अधिवक्ता हेमंत मिश्रा सहित अन्य मौजूद थे।














