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‘बंगाल में सत्ता बदली, घोषणाएं कई मगर बंद पड़े प्राइमरी स्कूल नहीं खुले, जनता में नाराजगी’

कोलकाता, 27 मई 2026। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार लगातार विकास और योजनाओं की घोषणाएं कर रही है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि राज्य के सैकड़ों सरकारी प्राइमरी स्कूल आज भी बंद पड़े हैं। इन्हें दोबारा खुलवाने के लिए अभी तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है, जिससे अभिभावकों और आम जनता में नाराजगी बढ़ रही है।

घोषणाओं की बाढ़, मगर स्कूलों पर चुप्पी
नई सरकार ने औद्योगिक नीति, भूमि नीति, नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव और मुफ्त फॉर्म जैसे कई जनमुखी फैसले लिए हैं। लेकिन शिक्षा के सबसे निचले स्तर यानी प्राइमरी स्कूलों की हालत पर कोई बयान नहीं आया है।

जानकारी के मुताबिक, कोविड के बाद से ही राज्य के कई जिलों में सैकड़ों फ्री प्राइमरी स्कूल बंद हैं। कहीं शिक्षक नहीं हैं, तो कहीं बिल्डिंग जर्जर हालत में है। बांकुड़ा, पुरुलिया, पश्चिम बर्दवान, पूर्व बर्दवान, पश्चिम मेदिनीपुर और बीरभूम के ग्रामीण इलाकों में सबसे ज्यादा स्कूल बंद पड़े हैं।

‘बच्चों का भविष्य अंधेरे में’
आसनसोल के एक अभिभावक ने कहा, “सरकार बड़े-बड़े वादे कर रही है, पर हमारे बच्चों के स्कूल का ताला नहीं खुल रहा। गरीब के बच्चे कहां पढ़ेंगे? प्राइवेट स्कूल की फीस हम दे नहीं सकते।”

शिक्षाविदों का कहना है कि अगर प्राइमरी स्कूल जल्द नहीं खुले तो ड्रॉपआउट रेट और बढ़ेगा। पहले से ही ग्रामीण इलाकों में बच्चों का नामांकन कम हुआ है।

अब जनता उठा रही आवाज
स्कूल खोलने की मांग को लेकर अब आम जनता सड़कों पर उतरने लगी है। कई जिलों में अभिभावकों ने बीडीओ ऑफिस और जिला शिक्षा दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया है। सोशल मीडिया पर भी OpenPrimarySchoolsBengal ट्रेंड कर रहा है।

लोगों का कहना है कि सिर्फ नई नीतियां लाने से काम नहीं चलेगा। बंद पड़े स्कूल खोलना, शिक्षकों की भर्ती करना और मिड-डे मील व्यवस्था दुरुस्त करना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

शिक्षा विभाग का इंतजार
फिलहाल शिक्षा विभाग की तरफ से बंद स्कूलों को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। सूत्रों का कहना है कि विभाग स्कूलों की स्थिति का सर्वे करा रहा है। लेकिन कब तक स्कूल खुलेंगे, इस पर सस्पेंस बना हुआ है।

विपक्ष ने भी इस मुद्दे को उठाया है। उनका आरोप है कि सरकार सिर्फ दिखावे की घोषणाएं कर रही है, जमीनी शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान नहीं है।

 

  

        

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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