पांडवेश्वर में TMC दफ्तर के बाहर बोरों में मिले सैकड़ों हैंडीक्राफ्ट ID कार्ड, नाम देखकर चौंके लोग: ‘हमें तो पता ही नहीं’, लोन फ्रॉड की आशंका से दहशत’
पांडवेश्वर । पश्चिम बर्धमान के पांडवेश्वर विधानसभा इलाके में गुरुवार को सनसनी फैल गई। लाउदोहा के दुर्गापुर-फरीदपुर ब्लॉक की गोगला पंचायत अंतर्गत पानशिउली मोड़ स्थित तृणमूल विधायक कार्यालय के सामने से बोरों में भरे हुए *Ministry of Textiles के सैकड़ों हैंडीक्राफ्ट आइडेंटिटी कार्ड* बरामद हुए हैं।
‘कार्ड पर मेरा नाम, पर मुझे खबर ही नहीं’
स्थानीय लोगों का दावा है कि बरामद कार्डों पर इलाके के कई आम लोगों के नाम दर्ज हैं। हैरानी की बात यह है कि जिन लोगों के नाम पर कार्ड बने हैं, उन्हें इसकी भनक तक नहीं थी। इसके बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। लोगों को डर है कि कहीं उनके नाम पर इन कार्डों का इस्तेमाल कर *बैंक लोन या कोई आर्थिक लेनदेन* तो नहीं किया गया।
पंचायत प्रधान ने झाड़ा पल्ला: ‘2013 में मैं प्रधान नहीं था’
जब गुस्साए ग्रामीण मौजूदा पंचायत प्रधान के पास पहुंचे तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि *2013 में वे प्रधान नहीं थे*, इसलिए उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद नाराज लोगों ने अब बीडीओ ऑफिस जाकर शिकायत करने की बात कही है।
कई सवाल, TMC खामोश, BJP ने बोला हमला
इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं— क्या ये कार्ड वैध हैं? किसके नाम पर और क्यों बनाए गए? आखिर राजनीतिक दफ्तर के बाहर ये बोरे कैसे पहुंचे? खबर फैलते ही इलाके में सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है।
स्थानीय भाजपा नेता चंदन दास ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “आम लोगों की जानकारी के बिना उनके नाम पर कार्ड बनना साबित करता है कि कैसे धोखाधड़ी कर पैसा लूटा गया है। विधायक कार्यालय की सफाई के दौरान ही ये बोराबंद कार्ड मिले हैं।”
TMC की चुप्पी, निष्पक्ष जांच की मांग
हालांकि अभी तक ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई सामने लाने की मांग की है।
गोगला पंचायत इलाके में बरामद कार्ड 2013 के आसपास के बताए जा रहे हैं। अब प्रशासन की नजर इस बात पर है कि क्या इन कार्डों के जरिए सरकारी योजनाओं का गलत फायदा उठाया गया या किसी बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया।















