आसनसोल में भक्ति की बयार: 51 विद्वान पंडितों के स्वर में गूंजी अखंड हनुमान चालीसा, 12 जून तक चलेगा पाठ
आसनसोल, 2 जून 2026। पश्चिम बंगाल के शिल्पांचल आसनसोल में धर्म और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। पंचगछिया स्थित आनंदम रेसिडेंसी में मंगलवार से 51 प्रकांड विद्वान पंडितों द्वारा अखंड हनुमान चालीसा पाठ का भव्य शुभारंभ हुआ।
’12 जून तक सुबह 9 से शाम 7 बजे तक गूंजेगी चालीसा’
यह अखंड पाठ 12 जून 2026 तक प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक लगातार चलेगा। पाठ शुरू होते ही पूरा शिल्पांचल “जय हनुमान” के जयकारों से हनुमानमय हो गया है। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
‘आसनसोल में पहली बार इतना बड़ा आयोजन’
स्थानीय लोगों का कहना है कि आसनसोल शिल्पांचल में इस स्तर का धार्मिक अनुष्ठान पहले कभी नहीं हुआ। ढोल-नगाड़ों और शंखध्वनि के बीच 51 पंडितों का सामूहिक स्वर पूरे माहौल को दिव्य बना रहा है।
‘युवाओं को सनातन से जोड़ना मुख्य उद्देश्य’
कार्यक्रम की मुख्य आयोजक निभा प्रकाश ने बताया, _”सनातन धर्म का प्रचार और आज की युवा पीढ़ी में धर्म के प्रति आस्था जगाना ही इस आयोजन का मुख्य लक्ष्य है। हनुमानजी की भक्ति से युवाओं को ऊर्जा और संस्कार दोनों मिलेंगे।”
‘पुरी शंकराचार्य को समर्पित है यह अनुष्ठान’
गौरतलब है कि आनंदम रेसिडेंसी में गोवर्धनमठ पुरीपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज का आश्रम भी स्थित है। आयोजकों ने यह पूरा कार्यक्रम हिन्दू धर्म के लिए जीवन समर्पित करने वाले शंकराचार्य जी को समर्पित किया है।
फिलहाल आसनसोल का यह कोना भक्ति, श्रद्धा और सामूहिक चालीसा पाठ से सराबोर है। आयोजकों ने सभी भक्तों से 12 जून तक चलने वाले इस दिव्य अनुष्ठान में शामिल होकर पुण्य लाभ कमाने की अपील की है।















