सरकार बदली, पर नहीं रुका ‘झारखंड लॉटरी’ का अवैध कारोबार: कुल्टी-सालानपुर में धड़ल्ले से बिक रहे टिकट, प्रशासन पर उठे सवाल
सालानपुर, 7 जून। राज्य में सत्ता परिवर्तन और नई सरकार के गठन के एक महीने बाद भी आसनसोल से सटे औद्योगिक क्षेत्र में ‘झारखंड लॉटरी’ के नाम से चल रहा अवैध लॉटरी का धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा। कुल्टी-सालानपुर इलाके में पुलिस की नाक के नीचे यह सिंडिकेट बेखौफ होकर सक्रिय है, जिससे प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
चुनाव से पहले हुई थी बड़ी बरामदगी, अब फिर सक्रिय
यह पहला मामला नहीं है। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पुलिस ने नाका जांच में लाखों के अवैध टिकट और नकदी बरामद की थी। तब इस धंधे पर कुछ समय के लिए लगाम लगी, लेकिन चुनाव बीतते ही और सरकार बदलने के बावजूद सिंडिकेट पूरी ताकत से फिर सक्रिय हो गया।
कुल्टी बना केंद्र, सालानपुर तक फैला जाल
सूत्रों के मुताबिक, इस कारोबार का मुख्य केंद्र कुल्टी है। कुल्टी, नियामतपुर, चौरंगी, कल्याणेश्वरी और सालानपुर, देन्दुआ, रूपनारायणपुर* तक इसका जाल फैला है।
कैसे चलता है खेल?
सरकारी लॉटरी के रिजल्ट का इस्तेमाल कर दिन में तीन बार यह अवैध खेल होता है। 10-12 रुपये के टिकट पर ज्यादा कमीशन के लालच में विक्रेता और रातों-रात अमीर बनने की चाह में खरीदार फंस रहे हैं। सरकार को इससे कोई टैक्स नहीं मिलता। पुलिस से बचने को अब डिजिटल सबूत मिटाने के लिए विक्रेता हाथ से नंबर लिखकर पर्ची दे रहे हैं।
कथित सरगना कौन?
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, टिकट सप्लाई के पीछे सुनियोजित सिंडिकेट काम कर रहा है। कथित तौर पर कुल्टी के दानिश और रॉबिन मुख्य नाम हैं। चौरंगी निवासी चंदन पर सालानपुर-जेमाहारी-देन्दुआ में, मिहिजाम के राजू पर रूपनारायणपुर में ऑनलाइन बुकिंग से धंधा चलाने का आरोप है। नियामतपुर के संजय, अंतू, बबलू और उत्तम* के नाम भी संदेह के घेरे में हैं।
राजनीतिक घमासान तेज
मामला गरमाने पर भाजपा-टीएमसी आमने-सामने हैं। भाजपा नेता अभिजीत राय बोले, “सरकार का कड़ा निर्देश है। जिन भ्रष्टाचारों का विरोध करते थे, वे पकड़े जा रहे हैं। दोषी बख्शा नहीं जाएगा।” टीएमसी जिला सचिव शुभाशीष मुखर्जी ने पलटवार किया, “कानून-व्यवस्था सत्ताधारी दल के हाथ में है। सत्ता में एक महीने और चुनाव से पहले बरामदगी के बावजूद धंधा चल रहा है, तो संरक्षण कहां से मिल रहा है?”
पुलिस: ‘छापेमारी जारी, जल्द गिरफ्तारी’
पुलिस का दावा है कि नियमित अभियान चल रहे हैं। चुनाव के दौरान भारी मात्रा में टिकट जब्त कर कई लोगों को जेल भेजा गया था। सूत्रों के अनुसार संदिग्ध ठिकानों पर नजर है और सरगनाओं पर जल्द सख्त कार्रवाई होगी।















