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एलोक्वेंट स्टील प्लांट में मजदूरी विवाद, श्रमिकों का विरोध प्रदर्शन

आसनसोल/सालनपुर। पश्चिम बर्दवान के सालनपुर क्षेत्र के देंदुआ स्थित एलोक्वेंट स्टील प्राइवेट लिमिटेड में मजदूरी और श्रमिकों की मांगों को लेकर विवाद सामने आया है। शुक्रवार को श्रमिकों ने कारखाने के सामने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार श्रमिकों ने कम मजदूरी मिलने, लंबित भुगतान और श्रमिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए हैं।

क्या है श्रमिकों का आरोप?

श्रमिकों का आरोप है कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी और उन्हें मिल रही वास्तविक मजदूरी में अंतर है। उनके अनुसार उन्हें कथित तौर पर ₹323 प्रतिदिन दिया जा रहा है, जबकि पोस्टर में सरकारी निर्धारित न्यूनतम मजदूरी ₹386 प्रतिदिन बताई गई है।

श्रमिकों ने कथित वेतन अंतर और बकाया राशि के भुगतान, सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने तथा त्रिपक्षीय समझौते को लागू करने की मांग उठाई है।

हालांकि, ₹386 और ₹323 के आंकड़ों की स्वतंत्र सरकारी पुष्टि इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है, इसलिए इसे श्रमिकों का दावा माना जाना चाहिए।

त्रिपक्षीय समझौते को लेकर भी नाराजगी

प्रदर्शनकारी श्रमिकों का कहना है कि मजदूरी से जुड़े समझौते को लागू नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि निर्धारित मजदूरी व्यवस्था लागू नहीं होती है तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।

सोशल मीडिया पर उपलब्ध रिपोर्ट में श्रमिकों के प्रदर्शन को शांतिपूर्ण विरोध बताया गया है।

कंपनी का क्या कहना है?

फिलहाल उपलब्ध विश्वसनीय स्रोतों में कंपनी प्रबंधन का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। इसलिए मजदूरी में कथित अंतर या समझौते के उल्लंघन को कंपनी की ओर से स्वीकार किया गया तथ्य नहीं माना जा सकता।

एलोक्वेंट स्टील प्लांट कहां है?

सरकारी पर्यावरण दस्तावेजों के अनुसार एलोक्वेंट स्टील प्राइवेट लिमिटेड का संयंत्र मौजा नकराजोरिया, पोस्ट सालनपुर, पश्चिम बर्दवान में स्थित है। कंपनी को स्टील उत्पादन और संबंधित औद्योगिक गतिविधियों के लिए पर्यावरणीय मंजूरी भी मिली हुई है।

अब आगे क्या?

मामले में सबसे महत्वपूर्ण होगा कि श्रम विभाग, प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के बीच बातचीत से मजदूरी विवाद का समाधान निकलता है या नहीं। यदि श्रमिकों के दावे सही पाए जाते हैं तो बकाया वेतन और न्यूनतम मजदूरी के अंतर का भुगतान बड़ा मुद्दा बन सकता है।

 

 

  

        

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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