“फुटपाथ खाली कराने पर बोलीं मंत्री अग्निमित्रा पाल – ‘किसी बच्चे से दूध नहीं छीना, सिर्फ सुरक्षा के लिए हटाया’, पिछले 15 साल पर उठाए सवाल”
आसनसोल । फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार की मंशा किसी गरीब को परेशान करने की नहीं है, बल्कि लोगों की सुरक्षा और शहर को व्यवस्थित करना है।
मंत्री ने कहा, “किसी बच्चे के मुंह से दूध नहीं छीना गया, सिर्फ वहां से हटने को कहा गया है।”
बच्चों की सुरक्षा सबसे जरूरी
अग्निमित्रा पाल ने कहा कि एक व्यस्त और हाई-ट्रैफिक वाली सड़क पर छोटे बच्चे का रेंगना या फुटपाथ पर परिवार का रहना बेहद खतरनाक है। वहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
उन्होंने सवाल उठाया, “अगर वहां कोई दुर्घटना हो जाती तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता? जो लोग आज मानवता की बात कर रहे हैं, क्या वे उस समय जिम्मेदारी लेते?”
उन्होंने कहा कि प्रशासन का पहला कर्तव्य लोगों की जान बचाना है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का दिया हवाला
मंत्री ने कहा कि फुटपाथ गरीब और अमीर में फर्क नहीं करता। फुटपाथ पर चलने वाला हर व्यक्ति इंसान है और उसे चलने का अधिकार है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि फुटपाथ लोगों के चलने के लिए होते हैं, वहां स्थायी रूप से रहने या दुकान लगाने के लिए नहीं। अवैध कब्जा, हॉकर और अवैध पार्किंग हटाना कानून के मुताबिक है।
पिछली सरकार पर सीधा हमला
अग्निमित्रा पाल ने पिछली TMC सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों में फुटपाथों पर लोगों को बैठने दिया गया, रोजगार के अवसर पैदा नहीं किए गए। इसी वजह से फुटपाथ रहने की जगह बन गए।
उन्होंने कहा कि उस दौरान भ्रष्टाचार, घूसखोरी और वसूली को बढ़ावा मिला और अब वही लोग खुद को जनता का हितैषी बता रहे हैं।
निवेश और बेहतर बंगाल के लिए जरूरी कदम
मंत्री ने कहा कि नई सरकार बड़े जनादेश के साथ आई है और वह व्यापक जनहित में फैसले लेगी, किसी एक वर्ग के फायदे-नुकसान को देखकर नहीं।
उन्होंने बताया कि राज्य में निवेश लाने के लिए मुख्यमंत्री लगातार उद्योगपतियों से बात कर रहे हैं। ऐसे में अगर निवेशक बंगाल आकर सड़कों पर जाम, खराब सड़कें और अव्यवस्थित फुटपाथ देखेंगे तो वे निवेश क्यों करेंगे?
सरकार सड़कों से लेकर ड्रेनेज तक सुधार कर रही है और मुख्यमंत्री ने अक्टूबर तक सड़कों को दुरुस्त करने का लक्ष्य रखा है।
अंत में उन्होंने कहा, “पिछले 15 साल की बिगड़ी व्यवस्था को 100 दिन में ठीक नहीं किया जा सकता। कोई जादू की छड़ी नहीं है। लेकिन सरकार अपने सभी चुनावी वादे पूरे करने के लिए प्रतिबद्ध है।” उन्होंने आम लोगों से सहयोग की अपील की।














